चंद्र ग्रहण 2027: तीन तारीखें और भारत में दिखने की सच्चाई
2027 में तीन चंद्र ग्रहण हैं, पर तीनों उपछाया या हल्के ग्रहण हैं। भारत में क्या दिखेगा, साफ़ भाषा में।
2027 में तीन चंद्र ग्रहण होंगे: 20 फरवरी, 18 जुलाई और 17 अगस्त। तीनों उपछाया या पेनुम्ब्रल ग्रहण हैं। इनमें चंद्रमा पृथ्वी की हल्की बाहरी छाया से गुजरता है, इसलिए उसे देखकर बड़ा बदलाव महसूस नहीं होता।
20 फरवरी 2027
यह उपछाया ग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत क्षेत्र के कुछ हिस्सों में दिख सकता है। भारत में अगर दिखे भी, तो चंद्रमा का रंग बहुत हल्का बदलेगा। इसे खास “ग्रहण जैसा” नहीं देखा जा सकता।
18 जुलाई 2027
यह भी उपछाया ग्रहण है और एशिया के कुछ हिस्सों से देखा जा सकता है। चंद्रमा की चमक थोड़ी कम लग सकती है, पर आम आँख से फ़र्क पहचानना मुश्किल है।
17 अगस्त 2027
यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। इसकी दृश्यता मुख्य रूप से प्रशांत और अमेरिका के हिस्सों में है।
इसका मतलब क्या है
उपछाया ग्रहण में चंद्रमा लाल नहीं होता और न ही पूरा अंधेरा होता है। इसलिए इसे लेकर ज़्यादा डरने की बात नहीं है। अगर आप इसे देखना चाहते हैं, तो साफ़ आसमान और दूरबीन की ज़रूरत पड़ सकती है; आम आँख से बहुत कम फ़र्क दिखेगा।
ध्यान रखें
ग्रहण के धार्मिक नियम हर परिवार में अलग हो सकते हैं। किसी भी नियम को डर या दबाव की तरह न लें। जो मान्यता आपके घर में है और जिससे आप सहज हैं, उसी को अपनाएँ।
इस लेख के सवाल
क्या 2027 के चंद्र ग्रहण भारत में दिखेंगे?
20 फरवरी और 18 जुलाई के उपछाया ग्रहण एशिया के कुछ हिस्सों में देखे जा सकते हैं, पर ये इतने हल्के होते हैं कि सामान्य आँख से फ़र्क महसूस करना मुश्किल है। 17 अगस्त का ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा।
उपछाया चंद्र ग्रहण क्या होता है?
जब चंद्रमा पृथ्वी की असली छाया में नहीं, बल्कि हल्की बाहरी छाया से गुजरता है। चंद्रमा थोड़ा धुँधला लग सकता है, पर लाल या पूरा गायब नहीं होता।