· पुष्य नक्षत्र
आसान गाइड

ज्योतिष लेख और गाइड

शनि, मंगल, नक्षत्र, पंचांग और 2027 के गोचर को आसान भाषा में समझें। हर लेख में गणना का तरीका साफ़ है।

सबसे पहले

ज्योतिष की शुरुआत कर रहे हैं? नक्षत्र और राशि की बुनियादी गाइड पढ़ें।

सभी 27 नक्षत्र
सभी लेख

पढ़ने लायक गाइड

मंगल ग्रह और कुंडली के घर दिखाता चित्र
कुंडली मिलान 2 मिनट पढ़ें

मंगल दोष क्या है? शादी से पहले जानने वाली साफ़ बातें

मंगल दोष हर कुंडली में एक जैसा नहीं होता। भाव, मंगल की राशि और अपवादों को समझें।

2 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
आसमान में तारों और नक्षत्र चक्र का चित्र
ज्योतिष की बुनियाद 2 मिनट पढ़ें

नक्षत्र क्या है? 27 नक्षत्र, पाद और जन्म नक्षत्र की आसान समझ

चंद्रमा की चाल से बनने वाले 27 नक्षत्रों और चार पादों को आसान भाषा में समझें।

2 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
सूर्य ग्रहण के समय सूर्य और चंद्रमा का चित्र
ग्रहण 1 मिनट पढ़ें

सूर्य ग्रहण 2027: तारीखें, कहाँ दिखेगा और भारत में क्या देख पाएंगे

2027 में दो सूर्य ग्रहण हैं, पर भारत में सीधे नहीं दिखेंगे। तारीख, दिखने की जगह और सुरक्षित देखने का तरीका जानें।

1 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
चंद्र ग्रहण में चंद्रमा का हल्का साया दिखाता चित्र
ग्रहण 1 मिनट पढ़ें

चंद्र ग्रहण 2027: तीन तारीखें और भारत में दिखने की सच्चाई

2027 में तीन चंद्र ग्रहण हैं, पर तीनों उपछाया या हल्के ग्रहण हैं। भारत में क्या दिखेगा, साफ़ भाषा में।

1 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
पंचांग के पाँच अंगों को दिखाता चित्र
पंचांग 2 मिनट पढ़ें

पंचांग कैसे पढ़ें: तिथि, नक्षत्र, योग और करण की आसान समझ

पंचांग पाँच अंगों से बनता है। जानें कि तिथि और नक्षत्र को कैसे पढ़ें और राहु काल से क्या मतलब है।

2 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
पंचांग कैलेंडर और चंद्रमा के चरणों का चित्र
त्योहार 2 मिनट पढ़ें

2027 के त्योहार: दिवाली, होली, नवरात्रि और बड़े व्रतों की तारीखें

दिवाली, होली, रक्षा बंधन, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, करवा चौथ और अन्य बड़े त्योहारों की 2027 की तारीखें, महीने-दर-महीने।

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पंचांग और चंद्र तिथि का चित्र
व्रत 4 मिनट पढ़ें

एकादशी 2027: सभी 24 एकादशी व्रतों की तारीखें और नाम

जनवरी से दिसंबर तक हर एकादशी की तारीख, दिन और पक्ष, पारण की सामान्य विधि और दो दिन वाली एकादशियों की व्याख्या सहित।

4 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
नक्षत्रों के तारा-चित्र का चित्र
नक्षत्र 2 मिनट पढ़ें

27 नक्षत्रों की पूरी सूची: नाम, स्वामी ग्रह, देवता और प्रतीक

अश्विनी से रेवती तक, सभी 27 नक्षत्र एक तालिका में, और हर एक का पूरा गाइड।

2 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
राशि चक्र के तारों का चित्र
राशियाँ 1 मिनट पढ़ें

12 राशियों की तारीखें: नाम, दिनांक, स्वामी ग्रह और तत्व की पूरी सूची

मेष से मीन तक, हर राशि की तारीख और उसका पूरा पेज - एक तालिका में।

1 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
घर की दिशाओं का चित्र
वास्तु 2 मिनट पढ़ें

घर के लिए वास्तु: दिशाएं, कमरे और आसान सुधार

दिशा, कमरा और सुधार - वास्तु की सीधी बात, बिना डर के।

2 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
किरणों वाले सूर्य का चित्र
ग्रह 13 मिनट पढ़ें

वैदिक ज्योतिष में सूर्य: आत्मा, पिता और आत्मविश्वास का कारक

सूर्य आत्मा, पिता, अधिकार और आत्मविश्वास का कारक ग्रह है। जानें कुंडली में मजबूत और कमजोर सूर्य के परंपरागत संकेत और सरल उपाय।

13 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
तारों के बीच अर्धचंद्र का चित्र
ग्रह 12 मिनट पढ़ें

वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा: मन, माता और भावनाओं का कारक

चंद्रमा मन, माता और भावनाओं का कारक है। जानें कुंडली में मजबूत-कमजोर चंद्र के परंपरागत संकेत, चंद्र राशि का महत्व और सरल उपाय।

12 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
मंगल ग्रह का चित्र
ग्रह 12 मिनट पढ़ें

वैदिक ज्योतिष में मंगल: साहस, ऊर्जा और भूमि का कारक

मंगल साहस, ऊर्जा, भाई और भूमि का कारक है। जानें मजबूत-कमजोर मंगल के संकेत, दशा, और मंगल दोष से जुड़ी भ्रांतियों की सच्चाई।

12 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
कक्षा-पथ सहित बुध ग्रह का चित्र
ग्रह 12 मिनट पढ़ें

वैदिक ज्योतिष में बुध: बुद्धि, वाणी और व्यापार का कारक

बुध बुद्धि, वाणी, शिक्षा और व्यापार का कारक है। जानें मजबूत-कमजोर बुध के संकेत, बुधादित्य योग और सरल उपाय।

12 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
पट्टियों वाले बृहस्पति ग्रह का चित्र
ग्रह 12 मिनट पढ़ें

वैदिक ज्योतिष में गुरु (बृहस्पति): ज्ञान, भाग्य और विस्तार का कारक

गुरु ज्ञान, संतान, भाग्य और विस्तार का कारक ग्रह है। जानें कुंडली में मजबूत और कमजोर गुरु के परंपरागत संकेत, गुरु दशा और सरल उपाय।

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पट्टियों वाले शुक्र ग्रह का चित्र
ग्रह 12 मिनट पढ़ें

वैदिक ज्योतिष में शुक्र: प्रेम, कला और सुख का कारक

शुक्र प्रेम, विवाह, कला और सुख-सुविधा का कारक ग्रह है। जानें कुंडली में मजबूत और कमजोर शुक्र के परंपरागत संकेत, शुक्र दशा और सरल उपाय।

12 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
छल्लों वाले शनि ग्रह का चित्र
ग्रह 13 मिनट पढ़ें

वैदिक ज्योतिष में शनि: कर्म और साढ़ेसाती

शनि कर्म, अनुशासन और विलंब का कारक है। जानें साढ़ेसाती की असली गणित, मजबूत-कमजोर शनि के परंपरागत संकेत, शनि दशा और सरल उपाय।

13 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
छाया ग्रह राहु का चित्र
ग्रह 12 मिनट पढ़ें

वैदिक ज्योतिष में राहु: महत्वाकांक्षा और माया

राहु महत्वाकांक्षा, विदेश और अपरंपरागत का छाया ग्रह है। जानें इसकी असली खगोल, राहु दशा, कालसर्प योग का सच और सरल उपाय।

12 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
छाया ग्रह केतु का चित्र
ग्रह 12 मिनट पढ़ें

वैदिक ज्योतिष में केतु: मोक्ष और वैराग्य

केतु मोक्ष, वैराग्य और अंतर्ज्ञान का छाया ग्रह है। जानें केतु क्या छीनता और क्या देता माना जाता है, केतु दशा और सरल उपाय।

12 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
क्षितिज पर उगता सूर्य  -  लग्न का प्रतीक
भाव 16 मिनट पढ़ें

वैदिक ज्योतिष में लग्न: पहला भाव क्या है

लग्न जन्म-क्षण में पूर्वी क्षितिज पर उगती राशि है और कुंडली का पहला भाव। जानें लग्न कैसे तय होता है और परंपरा इसे कैसे पढ़ती है।

16 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
दूसरे भाव को दर्शाती कुंडली
भाव 13 मिनट पढ़ें

दूसरा भाव: धन, कुटुंब और वाणी

दूसरा भाव सिर्फ पैसे का नहीं - धन, कुटुंब, वाणी और भोजन, चारों का घर है। जानें परंपरा इसे कैसे पढ़ती है।

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तीसरे भाव को दर्शाती कुंडली
भाव 13 मिनट पढ़ें

तीसरा भाव: भाई-बहन और पराक्रम

तीसरे भाव का अर्थ और व्याख्या की सीमाएँ: पहल, भाई-बहन, संचार और अभ्यास।

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चौथे भाव को दर्शाती कुंडली
भाव 12 मिनट पढ़ें

चौथा भाव: माता, घर और सुख

चौथे भाव का अर्थ और व्याख्या की सीमाएँ: माता, घर, संपत्ति और भीतर का टिकाव।

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पाँचवें भाव को दर्शाती कुंडली
भाव 12 मिनट पढ़ें

पाँचवाँ भाव: संतान, बुद्धि और सृजन

पाँचवें भाव का अर्थ और व्याख्या की सीमाएँ: संतान, बुद्धि, सृजन और पूर्वपुण्य।

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छठे भाव को दर्शाती कुंडली
भाव 12 मिनट पढ़ें

छठा भाव: रोग, ऋण और शत्रु

छठे भाव का अर्थ और व्याख्या की सीमाएँ: दैनिक बाधाएँ, सेवा और निपटने की क्षमता।

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सातवें भाव को दर्शाती कुंडली
भाव 12 मिनट पढ़ें

सातवाँ भाव: विवाह और साझेदारी

सातवें भाव का अर्थ और व्याख्या की सीमाएँ: विवाह, साझेदारी और हर एक-से-एक जुड़ाव।

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आठवें भाव को दर्शाती कुंडली
भाव 12 मिनट पढ़ें

आठवाँ भाव: परिवर्तन और गहराई

आठवें भाव का अर्थ बिना डर के: गहरा बदलाव, विरासत और छिपा ज्ञान।

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नौवें भाव को दर्शाती कुंडली
भाव 12 मिनट पढ़ें

नौवाँ भाव: धर्म, गुरु और भाग्य

नौवें भाव का अर्थ और व्याख्या की सीमाएँ: दिशा, मार्गदर्शन और सही कर्म।

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दसवें भाव को दर्शाती कुंडली
भाव 13 मिनट पढ़ें

दसवाँ भाव: कर्म, पेशा और प्रतिष्ठा

दसवें भाव का अर्थ और व्याख्या की सीमाएँ: कर्म, क्षेत्र और सार्वजनिक स्थान।

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ग्यारहवें भाव को दर्शाती कुंडली
भाव 12 मिनट पढ़ें

ग्यारहवाँ भाव: लाभ, आय और इच्छा-पूर्ति

ग्यारहवें भाव का अर्थ और व्याख्या की सीमाएँ: आय, फल और सामाजिक जाल।

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बारहवें भाव को दर्शाती कुंडली
भाव 13 मिनट पढ़ें

बारहवाँ भाव: व्यय, विदेश और मोक्ष

बारहवें भाव का अर्थ और व्याख्या की सीमाएँ: खर्च, विसर्जन और मुक्ति।

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चार पादों में विभाजित एक नक्षत्र का चित्र
नक्षत्र 13 मिनट पढ़ें

नक्षत्र पाद: 108 चरणों की पूरी गणित

पाद-प्रणाली की पूरी गणित: नक्षत्र का चौथाई भाग, नवांश से संबंध और अपनी कुंडली में पाद पढ़ने की विधि।

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चार पादों में विभाजित एक नक्षत्र का चित्र
नक्षत्र 13 मिनट पढ़ें

नक्षत्र-स्वामी और विम्शोत्तरी दशा: 120 वर्ष की गड़ी

किस नक्षत्र का स्वामी कौन, दशा-शेष कैसे निकलता है, और दशा-पठन की परंपरागत विधि क्या है।

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संधि पर मिलते दो नक्षत्र और बीच में संकरा गंडांत-क्षेत्र
नक्षत्र 13 मिनट पढ़ें

गंडमूल नक्षत्र: छह नक्षत्रों का सच

छह नक्षत्र, तीन संधियाँ, ग्रंथ-सूची बनाम पंचांग-सूची, और भय के बजाय गणित से गंडमूल को समझने की विधि।

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संधि पर मिलते दो नक्षत्र और बीच में संकरा गंडांत-क्षेत्र
नक्षत्र 12 मिनट पढ़ें

गंडांत: तीन संधियों की पूरी गणित

गंडांत कहाँ से कहाँ तक होता है, उसकी लंबाई कैसे गिनी जाती है, और किसी क्षण की जाँच स्वयं कैसे करें।

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14 गुण-योनियों की 14 गुणा 14 अंक-तालिका; प्रत्येक खाने में 0 से 4 का अंक; जहाँ दो प्रकाशित तालिकाएँ भिन्न हैं वे खाने टेराकोटा में
नक्षत्र 12 मिनट पढ़ें

योनि कूट: 14 योनियों और अंक-तालिका की पूरी गणित

किस नक्षत्र की कौन-सी योनि है, अंक कैसे बँटते हैं, और क्यों योनि-अंक तालिका के साथ पढ़ा जाना चाहिए।

12 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
नवतारा गिनती-शृंखला: जन्म-नक्षत्र से 1 गिनकर नौ स्थानों का क्रम और नौवें से पहले की ओर लौटता घेरा; पहला स्थान टेराकोटा में
नक्षत्र 12 मिनट पढ़ें

तारा-बल और नवतारा चक्र: नौ ताराओं की पूरी गणित

तारा कैसे गिनी जाती है, तीन चक्रों का नियम क्या है, और किसी क्षण की तारा स्वयं कैसे निकालें।

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27 नक्षत्रों के चार-चार पादों को दर्शाता नक्षत्र-पाद चक्र
नक्षत्र 13 मिनट पढ़ें

नक्षत्र के अनुसार नाम के अक्षर: अवकहड़ा चक्र और पूरी 108-अक्षर तालिका

जन्म-नक्षत्र के पाद से नाम का पहला अक्षर: परंपरा, गणित, पूरी तालिका, भिन्नताओं के कारण, और संतुलित दृष्टि।

13 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
27 नक्षत्रों का चक्र, प्रत्येक अपने प्रतीक और वृक्ष से जुड़ा
नक्षत्र 14 मिनट पढ़ें

नक्षत्र वृक्ष और प्रतीक: 27 चिह्न, 27 पेड़, पूरी तालिका

अश्व-मुख से मीन तक, कुचला से महुआ तक: नक्षत्रों के प्रतीक और वृक्ष, दो परंपराएँ एक साथ।

14 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
राहु-केतु अक्ष के एक ओर घिरे सातों ग्रहों की कुंडली-योजना
दोष और योग 14 मिनट पढ़ें

कालसर्प दोष: परिभाषा, 12 प्रकार, और संतुलित सच

सातों ग्रह एक ओर: एक आधुनिक अवधारणा की पूरी कहानी, बिना भय के।

14 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
नौवें भाव को प्रकाशित करती उत्तर-भारतीय कुंडली
दोष और योग 13 मिनट पढ़ें

पितृ दोष: कुंडली-संकेत, पितृ पक्ष की विधि, और संतुलित सच

श्राप नहीं, कर्म-ऋण की अवधारणा: संकेत, भंग, और स्मरण की सरल प्रणाली।

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गुरु और राहु के अतिव्यापी वृत्त: युति का आरेख
दोष और योग 13 मिनट पढ़ें

गुरु चांडाल योग: नाम का डर, दो पक्ष, और निर्णायक कारक

गुरु और राहु की युति: एक ऐसा योग जो उतना ही असाधारण सोच देता है, जितना बेचैनी; दोनों पक्ष, बिना भय के।

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जीवन-रेखा पर 36 और 42 के दो चिह्न: शनि और राहु की परिपक्वता-आयु
दोष और योग 12 मिनट पढ़ें

शापित दोष: "श्राप" का नाम, शनि-राहु युति, और परिपक्वता की घड़ी

सबसे भारी नाम वाला दोष: एक आधुनिक लेबल की पूरी कहानी, जिसमें "श्राप" अंत में एक कठिन लेकिन सीखने योग्य पाठ निकलता है।

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तीन नाड़ियों की तीन पंक्तियों में बँटे 27 नक्षत्र-क्रमांक और उनका टेढ़ा-मेढ़ा क्रम
दोष और योग 12 मिनट पढ़ें

नाड़ी दोष: 8 अंक शून्य कैसे होते हैं, और कौन से नियम उन्हें लौटाते हैं

कुंडली-मिलान का सबसे भारी कूट: 28 का अच्छा योग और नीचे लिखा "नाड़ी 0/8" — यह शून्य कब मायने रखता है और कब नहीं।

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बारह राशि-स्थितियों का वृत्त, संदर्भ-राशि और छह असफल दूरियाँ चिह्नित
दोष और योग 12 मिनट पढ़ें

भकूट दोष: 6-8, 2-12, 5-9 की गणित, और वे नियम जो इसे मिटाते हैं

मिलान का दूसरा सबसे भारी कूट: कागज पर भयंकर, परंपरा में अक्सर माफ; पूरी गणित और निरसन-नियम, स्रोत सहित।

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चंद्र से गिने बारह भाव, चार केंद्र-स्थितियाँ रेखांकित
दोष और योग 14 मिनट पढ़ें

गजकेसरी योग: चंद्र से केंद्र में गुरु, और एक सामान्य योग की गणित

ज्योतिष का सबसे प्रसिद्ध शुभ योग, और गणित जो दिखाती है कि कच्चे नियम में यह कितना सामान्य बैठता है; नियम, शर्तें और संतुलित पठन।

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बारह भावों की पंक्ति: धन-लाभ अक्ष और लक्ष्मी-स्थान चिह्नित
दोष और योग 12 मिनट पढ़ें

धन योग: धन-लाभ भावों का नियम, और जब कैलकुलेटरों ने स्वयं आधार-दर नापी

दो स्वतंत्र कैलकुलेटर-निर्माताओं ने "दुर्लभ वरदान" की जगह आधार-दर नाप डाली; नियम, ग्रंथ-प्रमाण और बल की असली परख।

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छठा, आठवां और बारहवां भाव, दोहरे तीरों से जुड़े तीन घर
दोष और योग 13 मिनट पढ़ें

विपरीत राजयोग: जब कष्ट के भाव एक-दूसरे का कष्ट रोक देते हैं

तीन सबसे कठिन भावों के स्वामी जब एक-दूसरे के घर बैठते हैं तो परंपरा उलटफेर का योग मानती है; नियम, ग्रंथ-प्रमाण और एक गणना जो अधिकांश सॉफ्टवेयर चूक जाते हैं।

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पांच ग्रह-पत्ते, प्रत्येक पर उसके योग की अर्हता वाली राशियों के अंक; बुध के पत्ते पर केवल दो
दोष और योग 13 मिनट पढ़ें

पंच महापुरुष योग: पांच ग्रह, एक नियम, और "दुर्लभ" दावे की नापी हुई जाँच

"दुर्लभ" कहे जाने वाले योग को दो इंजन-निर्माताओं ने नापा: उनके अपने नमूनों में हर तीसरी कुंडली में कम से कम एक। नियम, माप, बुध की विसंगति और इसका अर्थ।

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सूर्य शून्य अंश पर, अस्त-क्षेत्र और बाहरी दूरी-बैंड चिह्नित
दोष और योग 12 मिनट पढ़ें

बुधादित्य योग: सूर्य-बुध की युति, और कुछ अंशों में छिपा अंतर

सबसे सामान्य योगों में से एक: गुण उसी अंश-दूरी में छिपा है जिसे अधिकांश रिपोर्टें नहीं नापतीं; नियम, गणित और श्रेणी-पठन।

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बारह भावों का वृत्त, केंद्र-वर्ग और त्रिकोण-त्रिभुज अंकित
दोष और योग 12 मिनट पढ़ें

राजयोग के प्रकार: केंद्र-त्रिकोण की व्याकरण-पद्धति और उसके सात रूप

"राजयोग है" कहना आसान है; परंपरा का असली नियम-तंत्र, जिसमें आधे लग्नों का अपना योगकारक ग्रह और स्पष्ट भंग-शर्तें हैं, स्रोत सहित।

12 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
120 वर्ष की पट्टी नौ खंडों में: केतु 7, शुक्र 20, सूर्य 6, चंद्र 10, मंगल 7, राहु 18, गुरु 16, शनि 19, बुध 17
दशा और गोचर 12 मिनट पढ़ें

विम्शोत्तरी दशा: चंद्रमा के नक्षत्र से बनता 120 वर्ष का पंचांग, और उसकी गणित

जन्म के चंद्र-नक्षत्र से शुरू होकर 120 वर्ष का समय-पट्टिका: नियम, गणित जो आप स्वयं जाँच सकते हैं, और वह संवेदनशीलता जो दशा-तिथियों को जन्म-समय से बांधती है।

12 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
चार पंक्तियाँ: एक महादशा, उसकी नौ अंतर्दशाएँ, पहली अंतर्दशा के नौ प्रत्यंतर, पहले प्रत्यंतर के नौ सूक्ष्म
दशा और गोचर 12 मिनट पढ़ें

अंतर्दशा, प्रत्यंतर और उससे नीचे: एक ही अनुपात के पांच स्तर, और इनपुट की सीमा

महादशा का अध्याय नौ उप-अध्यायों में खुलता है; नीचे और तीन स्तर हैं, और एक ईमानदार गणना: पद्धति की सूक्ष्मता जन्म-समय की सूक्ष्मता से कहां आगे निकल जाती है।

12 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
2027 की समय-रेखा पर गुरु के चार राशि-खंड: सिंह, कर्क (ताम्र, वक्री), सिंह फिर से, कन्या; दिनों की गिनती और सीमा-तिथियां सहित
दशा और गोचर 12 मिनट पढ़ें

गुरु गोचर 2027: उच्च का गुरु वक्री होकर लौटता है, और वर्ष के चार हिस्से

2027 में गुरु तीन राशियां बदलता है, और उच्च-राशि कर्क में वक्री चाल से लौटता है; तिथियां तीन स्रोतों से जाँची गईं, और वर्ष की गिनती चार अवधियों की है, तीन नहीं।

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बारह राशियों का चक्र, 10-4 अक्ष पर टेराकोटा रेखा: भरा बिंदु मकर पर, खोखला कर्क पर
दशा और गोचर 13 मिनट पढ़ें

राहु-केतु गोचर 2027: जिस वर्ष कोई प्रवेश नहीं, और मकर-कर्क अक्ष का पूरा अध्याय

राहु-केतु का ऐसा वर्ष जिसमें कुछ नहीं बदलता: एक ही अक्ष पूरे बारह महीने। तिथियों की चार-स्रोत जाँच, ग्रहण-कैलेंडर, और वह संयम जो डेढ़ वर्ष की खिड़की को संदर्भ रखता है, भविष्यवाणी नहीं।

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बारह भावों की पट्टी: पहला कोश गहरा, 3, 6, 10, 11 टेराकोटा, 9, 12, 4, 5 खांचेदार, ऊपर जोड़े के धनुष
दशा और गोचर 13 मिनट पढ़ें

गोचर कैसे पढ़ा जाता है: चंद्र-राशि से गिनती, अनुकूल-भाव सारणी और वेध की पूरी पड़ताल

गोचर-पढ़ाई की दो-सवाली मशीन: भाव अनुकूल है या नहीं, और विध लगी है या नहीं। सारणी, छूटें, उल्टी परत, और वह जगह जहां दो स्रोत एक-दूसरे से अलग हैं।

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तीन खंडों की पट्टी: 12, 1, 2; ऊपर शनिवार के साप्ताहिक निशान, बीच में दो विराम-चिह्न
दशा और गोचर 13 मिनट पढ़ें

साढ़ेसाती के उपाय: पुराण-पाठ, जीती परंपरा और आधुनिक दावों की तीन परतों की पड़ताल

हर उपाय-सूची के पीछे तीन परतें हैं: पुराण-पाठ, जीती परंपरा, और ग्रंथ-नाम वाले दावे। यह लेख तीनों को अलग करता है, स्रोत और सीमा सहित।

13 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
चंद्र से गिने बारह घरों की पट्टी: चौथा और आठवां ताम्र में, बारहवां-पहला-दूसरा हल्के ताम्र में, तीसरे-छठे-ग्यारहवें के नीचे अनुकूलता की पट्टी
दशा और गोचर 14 मिनट पढ़ें

कंटक शनि और ढाईया: दो कांटे-नामों की पड़ताल, एक पुराना नियम, और तीस साल का नक्शा

शनि जब चंद्र-राशि से चौथे या आठवें घर में आता है तो परंपरा उसे ढाईया कहती है; नाम बाद की परत हैं, नियम पुराना है, और तीस साल के चक्र में यह अवस्था कहां-कहां आती है, गणित से देखिए।

14 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
2027-28 की समय-रेखा पर शनि के तीन खंड: मीन, मेष (ताम्र, 139 दिन), मीन फिर से; वक्री और मार्गी स्टेशन 09.08 और 24.12 नीचे अंकित
दशा और गोचर 14 मिनट पढ़ें

शनि गोचर 2027: मेष की डुबकी, 139 दिन की पूर्व-झलक, और लौटती मीन

शनि साधारणतः वर्षों एक राशि में रहता है; 2027 में दो बदलाव हैं: 139 दिन की मेष-झलक, फिर मीन में वापसी, और स्थायी आगमन फरवरी 2028 में।

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चार चढ़ती सीढ़ियां 1 से 4; चौथी टेराकोटा, ऊपर चेतावनी-त्रिकोण
उपाय 12 मिनट पढ़ें

ग्रहों के उपाय: चार शास्त्रीय वर्ग, स्रोतों की परतें और अपनाने की सही सीढ़ी

उपाय-तंत्र का नक्शा: चार वर्ग, तीन साहित्य-परतें, एक अलग प्रणाली (लाल किताब), और एक सीढ़ी जो मुफ्त से शुरू होकर महंगे पर खत्म होती है; बाजार उसे उल्टा चलाता है।

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108 छोटे मणकों की वलयाकार माला; शीर्ष पर बड़ा टेराकोटा मेरु-मणका और मुड़ने का तीर
उपाय 15 मिनट पढ़ें

मंत्र जप की गिनती-विज्ञान की पड़ताल: पुरश्चरण की अंक-गणित, माला की यांत्रिकी, समय-दिशा-आसन, और स्रोतों का फैलाव

एक मंत्र, एक माला, एक नियत समय: जप की पद्धति उसकी गिनती के विज्ञान से पढ़ी गई, जिसमें ग्रंथ की फल-भाषा और आधुनिक नियम अलग-अलग चिह्नित हैं।

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नौ क्षैतिज पट्टियां, संख्याएं 7, 11, 11, 9, 19, 16, 23, 18, 17; 23 वाली पट्टी टेराकोटा
उपाय 12 मिनट पढ़ें

ग्रह-दान की पड़ताल: बृहत्पाराशर की क्लासिकल सूची, आधुनिक रंग-तालिकाएं, और दो परतों का फासला

क्लासिकल सूची में बछड़े सहित गाय, शंख, सांड और घोड़ा; आधुनिक तालिकाओं में गुड़, तिल और दालें: ग्रह-दान की दो परतें, उनका फासला, और वे नियम जो दोनों में मिलते हैं।

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क्षैतिज दिन-पट्टी: बाएं टेराकोटा सूर्य, दाएं अर्धचंद्र, ऊपर चार अंकित निशान 1 से 4
उपाय 12 मिनट पढ़ें

दिन-वार व्रत की पूरी पड़ताल: संकल्प से उद्यापन तक की मशीन, सात दिनों की तालिका, और सुरक्षा की पहली शर्त

एक व्रत छह पुर्जों की मशीन है: संकल्प, दिन की विधि, पूजा, कथा, पारण, उद्यापन। सबसे आम गलती nirjala-phalahar की है, और पहली शर्त यह है कि व्रत किसी के लिए अनिवार्य नहीं।

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सात उतरती पट्टियां, चिह्न 5; 4-6-7; 2-3; 8-9; 10-11; 12; 13+; पहली टेराकोटा
उपाय 13 मिनट पढ़ें

रुद्राक्ष: वस्तु की परख, मुखों की परंपरा, ग्रह-मिलान का विवाद और बाज़ार की पहचान

एक ही वस्तु, दो स्रोत, एक टकराव: जो मुख-ग्रह तालिका एक पृष्ठ परंपरा बताता है, दूसरा उसे हालिया बिक्री-वर्गीकरण कहता है; और दोनों एक बात पर एक हैं, असली जोखिम बीज में नहीं, उससे जुड़े दावों में है।

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चार संकेंद्रित परतें: चौखट वर्ग, कमल-वलय, उलट-पुलट त्रिकोण, केंद्रीय बिंदु; 1 से 4 संख्या-चिह्न
उपाय 13 मिनट पढ़ें

यंत्र: शब्द का अर्थ, आकृति का व्याकरण, तीन उपयोग, प्राचीनता के दावे और बाज़ार की परत

एक आरेख जो देवता का आसन है: चार परतों की व्याकरण-संरचना, मंत्र के बिना "खाली आरेख" का सिद्धांत, प्राचीनता के दावों का तीन-स्तरीय लेखा, और एक बिक्री-पृष्ठ जहां "काम न करने" का जवाब ही अगला उत्पाद है।

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टेराकोटा सूर्य-बिंदु से 12-12 अंश पर फैली किरणें, तीन पर अर्धचंद्र चिह्न, एक पड़ा छायांकित; 0°, 12°, 30×
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तिथि क्या है: 12 अंश का कोण, सूर्योदय-नियम, क्षय-वृद्धि और दो पंचांगों के अलग जवाब

तिथि एक कोण है, दिन की गिनती नहीं: सूर्य से चंद्रमा की दूरी का बारहवां पड़ाव; सूर्योदय-नियम, क्षय और वृद्धि की विसंगतियां, अयनांश से मुक्ति, और दो पंचांगों के असली मतभेद।

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वृत्त पर सात ग्रह-चिह्न; टेराकोटा तीर हर तीसरे बिंदु की छलांग; बिंदुओं पर 1 से 7 सप्ताह-क्रम संख्याएं
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वार: सप्ताह जो आकाश ने नहीं बनाया, सात का कारण, क्रम की मशीन और नामों की परतें

पंचांग का एकमात्र मनुष्य-निर्मित अंग: सात का कारण, रवि-सोम-मंगल क्रम की ग्रह-घड़ी मशीन, बदलती देवता-परतें, भारतीय वासर-नाम, और एक खुला प्रश्न जिसे हमारे स्रोत भी निश्चित नहीं करते।

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सूर्य और चंद्रमा के देशांतर की दो पट्टियां जोड़कर 165 अंश की संयुक्त पट्टी; 13 अंश 20 कला के निशान; तेरहवां खंड टेराकोटा छाया में
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योग: सूर्य-चंद्र का योग-फल, पंचांग का सबसे देर से आया अंग

तिथि घटाव से बनती है, योग जोड़ से: 27 खंडों वाली इस गिनती-इकाई का गणित, उसका देर से आया इतिहास, सत्ताईस नाम, शुभ-अशुभ पट्टी की सच्चाई, और एक अठाईस-योग वाली अलग दुनिया।

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साठ खानों की पट्टी; पहला और अंतिम तीन खाने टेराकोटा में; बीच के खानों पर 1 से 7 का क्रम और गुणा-8 चिह्न
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करण: तिथि का आधा, साठ हिस्से और ग्यारह नाम

तिथि का आधा करण: साठ हिस्से, ग्यारह नाम, चार अमावस्या के द्वार पर और सात आठ चक्र घूमते; गणना, भद्रा-परंपरा, पशु-नाम और 500 ईसा-पूर्व की जड़ें।

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सात पंक्तियों और आठ स्तंभों का चित्र; हर पंक्ति में दिन के आठ हिस्से सात ग्रह-संकेतों से भरे, बृहस्पति टेराकोटा और शनि गहरी स्याही में, आठवां स्तंभ खाली
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यमगंड और गुलिक: सात स्वामियों और आठ कुर्सियों का बँटवारा, जिसमें राहु की कोई कुर्सी नहीं

यमगंड और गुलिक तालिका के रटे नियम नहीं: सात स्वामियों को आठ कुर्सियों पर बाँटिए, बृहस्पति की कुर्सी यमगंड और शनि की गुलिक है; चार स्रोत, एक भिन्नता, और गुलिक का दूसरा जीवन कुंडली में।

16 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
सात पंक्तियों और आठ स्तंभों की सारणी; हर पंक्ति में एक टेराकोटा खाना सप्ताह-दिन का राहु-काल-हिस्सा दिखाता है: 2, 7, 5, 6, 4, 3, 8
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राहु काल: सूर्य के साथ खिसकने वाली खिड़की, आठ हिस्सों का नियम और घड़ी-समय की गलतफहमी

राहु काल घड़ी नहीं, दिन का आठवां-दर-आठवां हिस्सा है: सूर्योदय-सूर्यास्त और सप्ताह-दिन से निकालने का नियम, तीन स्रोतों की जाँच, अपना कार्यित उदाहरण और परिहार का असली दायरा।

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सूर्योदय से सूर्यास्त तक की क्षैतिज पट्टी पंद्रह बराबर खानों में बँटी, आठवाँ खाना टेराकोटा में भरा, किनारों पर 7/15 और 8/15 के निशान
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अभिजित मुहूर्त: वह दोपहर की खिड़की जिसका नाम कैलेंडर से कटे तारे का है

अभिजित मुहूर्त दिन का आठवाँ पंद्रहवाँ हिस्सा है, सच्चे मध्याह्न पर केंद्रित; दो प्रकाशित उदाहरणों की हमारी पड़ताल, बुधवार पर तीन नीतियाँ, और वह नक्षत्र जो कैलेंडर से कटा पर नाम दोपहर पर छोड़ गया।

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सात पंक्तियों की तालिका, हर सप्ताह-दिन की एक पंक्ति में दिन के आठ चौघड़िया-खाने अकेले अक्षरों में, शुभ टेराकोटा, टाले जाने वाले स्याही, चर सफेद, हर पंक्ति उसी अक्षर से शुरू और खत्म
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चौघड़िया: चार घड़ियों की तालिका, जिसकी ग्रंथ-विरासत पर दो स्रोत आज भी बँटे हैं

चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ नामांकित हिस्सों में काटता है; निर्माण-नियम, रात का अलग दरवाज़ा, क्लासिक-विरासत पर दो स्रोतों का खुला मतभेद, और वह जाँचें जो कोई भी पाठक किसी भी छपी तालिका पर चला सकता है।

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सात ग्रह-संकेत वृत्त पर कैल्डियन क्रम में, शीर्ष पर शनि, और सप्ताह-दिनों के क्रम में जोड़ती रेखाएँ एक सात-नुकीला तारा बनाती हैं
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होरा: वह ग्रह-घड़ी जिसने सप्ताह के दिनों का क्रम बनाया

होरा दिन और रात को बारह-बारह ग्रह-शासित हिस्सों में काटती है; तीन की छलाँग से सप्ताह का क्रम निकलता है, सात-नुकीला तारा उसे चित्र देता है, और दो हज़ार साल का दस्तावेज़ हर कदम अपने स्रोत सहित।

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दो क्षैतिज पट्टियाँ एक ही पखवाड़े को दिखाती हैं: अमान्त पट्टी में कृष्ण पक्ष उसी महीने के अंत में, पूर्णिमान्त पट्टी में वही पखवाड़ा अगले महीने की शुरुआत में
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अमान्त बनाम पूर्णिमान्त: एक ही पखवाड़ा, दो महीने-नाम

किसी भी कृष्ण पक्ष के हर दिन के दो सही महीने-नाम हैं: अमान्त पंचांग महीने को अमावस्या पर समाप्त करता है, पूर्णिमान्त पूर्णिमा पर, और बस यही एक फर्क हर अंधियारे पर्व को दो नाम देता है।

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पाँच क्षैतिज पट्टियाँ कीप की तरह नीचे सिकुड़ती हुईं, एक से पाँच अंकित: मौसम-निषेध, महीना, दिन, घंटा और अंतिम खिड़की
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शुभ मुहूर्त कैसे चुना जाता है: साल से घंटे तक का फ़नल

मुहूर्त चुना नहीं जाता, छाना जाता है: मौसम-निषेधों से लेकर दो घंटे बदलने वाली लग्न-छलनी तक, पाँच छलनियों का वह क्रम जो साल के 365 दिनों को कुछ घंटों की खिड़की तक सीमित करता है।

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दो पैमाने: ऊपर सूर्य की धीमी चाल की तीन संक्रांति-निशान, नीचे चाँद की तेज़ चाल की पाँच अमावस्याएँ; दूसरे चांद्र महीने में कोई संक्रांति नहीं और वह शून्य अंकित है
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अधिक मास: वह तेरहवाँ महीना जिसे सूर्य और चाँद मिलकर तय करते हैं

जिस चांद्र महीने में सूर्य राशि नहीं बदलता वही अधिक मास बन जाता है: सालाना ग्यारह दिन की कमी का सुधार-यंत्र, जो 2026 में ज्येष्ठ को साठ दिन का कर गया और 2124 में एक महीना गायब करेगा।

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बारह चांद्र महीनों की एक क्षैतिज पट्टी, जिस पर चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ के स्थानों पर दरवाज़े के निशान; आश्विन का दरवाज़ा टेराकोटा रंग में भरा और बड़ा, आषाढ़ और माघ के दरवाज़े बिंदु-रेखा से बने, गुप्त अंकित
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नवरात्रि: साल के चार दरवाज़े, और हर दरवाज़े के पीछे खड़ी नौ रातें

नवरात्रि साल में एक नहीं चार बार आती है; नौ देवियों की सूची इलाके और संप्रदाय के साथ बदलती है, दिन-रंगों पर स्रोत टकराते हैं, और हर इलाका अपनी रीत रखता है। चारों दरवाज़े, नौ रातें, क्षेत्रीय रीतें और 2027 की तारीखें, स्रोत-सहित।

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एक पंक्ति में तीन चित्रित वस्तुएँ: मिट्टी का करवा घड़ा, गोल छलनी जिसमें छेद दिखते हैं, और पूर्णिमा के ठीक बाद का थोड़ा घटता चाँद, कृष्ण चतुर्थी का चाँद
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करवा चौथ: एक घड़ा, एक छलनी, और चाँद का इंतज़ार

करवा चौथ तीन चीज़ों से समझ आता है: मिट्टी का करवा, छलनी और चाँद। उत्पत्ति, सरगी, फेरियाँ, कथाएँ, आज की बहस, व्रत का ईमानदार नोट और 2027 की तारीख, स्रोत-सहित।

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2024 से 2034 तक के वर्षों की दो समानांतर पट्टियाँ, ऊपर स्मार्त और नीचे वैष्णव; जिन वर्षों में दोनों तिथियाँ अलग हैं वहाँ खोखले स्याही बिंदु जोड़े में, जहाँ एक ही दिन है वहाँ टेराकोटा भरा बिंदु; 2027 का बिंदु बड़ा, उसके ऊपर आधी रात की घड़ी
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जन्माष्टमी: दो कैलेंडर, एक आधी रात

जन्माष्टमी कई वर्षों में दो तारीखों पर दिखती है, क्योंकि स्मार्त और वैष्णव संप्रदाय अलग नियमों से दिन चुनते हैं; 2027 दोनों का एक ही दिन है, 25 अगस्त, बुधवार। नियम, जन्म-कथा, आधी रात की पूजा, पारणा, क्षेत्रीय रीतें और व्रत का ईमानदार नोट, स्रोत-सहित।

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बारह राशियों की एक पट्टी जिसमें पहला खाना टेराकोटा में भरा, 0 से 30 अंश अंकित; उसके भीतर अश्विनी, भरणी और कृत्तिका के पहले पद के खंड; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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मेष राशि: राशि-चक्र की पहली चिंगारी

मेष राशि-चक्र की शुरुआत है: मंगल की अग्नि, चर चरित्र, और वह ऊर्जा जो सोचने से पहले कदम उठाती है। ग्रंथ-वर्णन से आधुनिक राशि-विज्ञान तक, शुरू करने की हिम्मत और निभाने की चुनौती, स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट के साथ।

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बारह राशियों की एक पट्टी जिसमें दूसरा खाना टेराकोटा में भरा, 30 से 60 अंश अंकित; उसके भीतर कृत्तिका के शेष पदों, रोहिणी और मृगशिरा के पहले दो पदों के खंड; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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वृषभ राशि: राशि-चक्र का स्थिर आंगन

वृषभ वह धरती है जो मेष की चिंगारी को संभालती है: शुक्र की स्थिर पृथ्वी, रुकने से इनकार करने वाला धैर्य, और चंद्रमा का बाग। ग्रंथ-वर्णन से आधुनिक राशि-विज्ञान तक, निभाने की कला और हिलने से मना की चुनौती, स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट के साथ।

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बारह राशियों की एक पट्टी जिसमें तीसरा खाना टेराकोटा में भरा, 60 से 90 अंश अंकित; उसके भीतर मृगशिरा के शेष पदों, आर्द्रा और पुनर्वसु के पहले तीन पदों के खंड; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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मिथुन राशि: राशि-चक्र की दो आवाज़ें

मिथुन वह सेतु है जो वक्ता और श्रोता को जोड़ता है: बुध की द्विस्वभाव वायु, एक साथ धारण किए दो दृष्टिकोण, और गहराई की चुनौती। ग्रंथ-वर्णन से आधुनिक राशि-विज्ञान तक, जोड़ने की कला और बिखरने का मोल, स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट के साथ।

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बारह राशियों की एक पट्टी जिसमें चौथा खाना टेराकोटा में भरा, 90 से 120 अंश अंकित; उसके भीतर पुनर्वसु के चौथे पद, पुष्य और आश्लेषा के खंड; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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कर्क राशि: राशि-चक्र का आश्रय

कर्क वह खोल है जो भावना को सुरक्षित रखती है: चंद्रमा की अपनी राशि, चर जल, और वह भाग्य जो चाँद की तरह बढ़ता-घटता है। ग्रंथ-वर्णन से आधुनिक राशि-विज्ञान तक, संभालने की कला और झुकने से मना की चुनौती, स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट के साथ।

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बारह राशियों की एक पट्टी जिसमें पाँचवाँ खाना टेराकोटा में भरा, 120 से 150 अंश अंकित; उसके भीतर मघा, पूर्व फाल्गुनी और उत्तर फाल्गुनी के पहले पद के खंड; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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सिंह राशि: राशि-चक्र का सिंहासन

सिंह वह स्थिर अग्नि है जो उछलती नहीं, टिकती है: सूर्य की अपनी राशि, और वह तेज जिसे दुनिया नहीं रोक सकती पर जो अपनी जड़ के आगे झुकता है। ग्रंथ-वर्णन से आधुनिक राशि-विज्ञान तक, सम्प्रभुता की कला और प्रशंसा-भूख की चुनौती, स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट के साथ।

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बारह राशियों की एक पट्टी जिसमें छठा खाना टेराकोटा में भरा, 150 से 180 अंश अंकित; उसके भीतर उत्तर फाल्गुनी के शेष तीन पद, हस्त और चित्रा के पहले दो पद के खंड; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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कन्या राशि: राशि-चक्र की कारीगरी

कन्या वह जुती हुई मिट्टी है जिसे बार-बार काम किया गया है: बुध की अपनी राशि, जहाँ वही ग्रह उच्च का भी है, और वह निष्ठा जो शब्द कहने के बजाय आपकी छत मरम्मत कर दे। ग्रंथ-वर्णन से आधुनिक राशि-विज्ञान तक, भेद-बुद्धि की कला और पूर्णतावाद की चुनौती, स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट के साथ।

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बारह राशियों की एक पट्टी जिसमें सातवाँ खाना टेराकोटा में भरा, 180 से 210 अंश अंकित; उसके भीतर चित्रा के अंतिम दो पद, स्वाति और विशाखा के पहले तीन पद के खंड; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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तुला राशि: राशि-चक्र का तराज़ू

तुला वह चर वायु है जो पूछकर शुरू करती है: शुक्र की राशि, जहाँ न्यायाधीश उच्च का उठता है और राजा नीच का उतरता है। ग्रंथ-वर्णन से आधुनिक राशि-विज्ञान तक, सद्भाव की कला और अनिर्णय की चुनौती, स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट के साथ।

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बारह राशियों की एक पट्टी जिसमें आठवाँ खाना टेराकोटा में भरा, 210 से 240 अंश अंकित; उसके भीतर विशाखा के चौथे पद, अनुराधा और ज्येष्ठा के खंड; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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वृश्चिक राशि: राशि-चक्र की गहराई

वृश्चिक वह स्थिर जल है जो शांत सतह के नीचे बहता है: मंगल की वह राशि जहाँ युद्ध भीतर चला जाता है, और वह गहराई जहाँ से उपचार भी आता है और विनाश भी। ग्रंथ-वर्णन से आधुनिक राशि-विज्ञान तक, बिच्छू और बाज़ के बीच एक जीवन, स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट के साथ।

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बारह राशियों की एक पट्टी जिसमें नौवाँ खाना टेराकोटा में भरा, 240 से 270 अंश अंकित; उसके भीतर मूल, पूर्वाषाढ़ा और उत्तराषाढ़ा के पहले पद के खंड; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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धनु राशि: राशि-चक्र का निशाना

धनु वह दोभावी अग्नि है जो यात्रा करती है: गुरु की राशि, जिसका बाण तारों पर ताना है और जिसे बल से नहीं, केवल मधुर उपाय से जीता जा सकता है। ग्रंथ-वर्णन से आधुनिक राशि-विज्ञान तक, स्वतंत्रता की कला और ठहरने की चुनौती, स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट के साथ।

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बारह राशियों की एक पट्टी जिसमें दसवाँ खाना टेराकोटा में भरा, 270 से 300 अंश अंकित; उसके भीतर उत्तराषाढ़ा के शेष पदों, श्रवण और धनिष्ठा के पहले दो पदों के खंड; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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मकर राशि: राशि-चक्र की चढ़ाई

मकर वह चर पृथ्वी है जो चढ़ती है: शनि की अपनी राशि, जल और चट्टान दोनों का निवासी मगर-शावक, जहाँ मंगल उच्च उठता है और गुरु को अपनी कृपा कमानी पड़ती है। ग्रंथ-वर्णन से आधुनिक राशि-विज्ञान तक, लंबे खेल की कला और नियंत्रण की चुनौती, स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट के साथ।

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बारह राशियों की एक पट्टी जिसमें ग्यारहवाँ खाना टेराकोटा में भरा, 300 से 330 अंश अंकित; उसके भीतर धनिष्ठा के शेष पदों, शतभिषा और पूर्वभाद्रपद के पहले तीन पदों के खंड; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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कुंभ राशि: राशि-चक्र का जलधर

कुंभ वह स्थिर वायु है जो सबके लिए जल उंडेलती है: शनि की दूसरी राशि, जो संरचनाएँ नहीं बनाती बल्कि नयाँ कल्पित करती है, और जिसकी उच्च-तालिका में कुर्सियाँ खाली हैं। ग्रंथ-वर्णन से आधुनिक राशि-विज्ञान तक, दूर-दृष्टि की कला और निकटता की चुनौती, स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट के साथ।

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बारह राशियों की एक पट्टी जिसमें बारहवाँ खाना टेराकोटा में भरा, 330 से 360 अंश अंकित; उसके भीतर पूर्वभाद्रपद के चौथे पद, उत्तरभाद्रपद और रेवती के खंड; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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मीन राशि: राशि-चक्र की दो मछलियाँ

मीन वह परिवर्तनशील जल है जहाँ चक्र पूरा होता है: गुरु की दूसरी राशि, जहाँ प्रेम दैवीय और विश्लेषण विलीन होता है, और जिसके दो मीन एक डोर से बंधे विपरीत दिशाओं में तैरते हैं। ग्रंथ-वर्णन से आधुनिक राशि-विज्ञान तक, करुणा की कला और सीमाओं की चुनौती, स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट के साथ।

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6 से 7 मार्च 2027 की रात की एक समय-पट्टी जो सूर्यास्त से सूर्योदय तक चार प्रहरों में बँटी, बीच में निशीथ काल की टेराकोटा पट्टी रात्रि 12:07 से 12:57 अंकित; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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महाशिवरात्रि 2027: तारीख, समय, व्रत-विधि और कथाएँ

शिव की महान रात: कृष्ण चतुर्दशी का व्रत, जागरण और चार प्रहर की पूजा, 2027 की सटीक दिल्ली-गणना, चार पौराणिक कथाएँ और अनजाने में पूजा करने वाले शिकारी की कहानी, स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट के साथ।

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26 से 31 अक्टूबर 2027 तक नई दिल्ली के दिवाली क्रम की छह पंक्तियों का नक्शा, चौथी पंक्ति लक्ष्मी-पूजन, 29 अक्टूबर, टेराकोटा में उजागर, पूजा-मुहूर्त शाम 6:34 से 7:05 अंकित; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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दिवाली 2027: तारीख, पूजा-विधि, मुहूर्त और पाँच दिनों का पूरा क्रम

रोशनी का त्योहार: 2027 की सटीक दिल्ली-गणना, छह दिनों का पूरा क्रम, लक्ष्मी-पूजन की विधि और मुहूर्त, पाँचों दिनों की कथाएँ, स्रोत-सहित, जहाँ स्रोत भिड़ते हैं वहाँ दोनों पाठ खड़े, और एक ईमानदार सीमा-नोट के साथ।

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2 से 5 नवंबर 2027 तक नई दिल्ली की छठ की चार पंक्तियों का नक्शा, तीसरी पंक्ति संध्या अर्घ्य, 4 नवंबर, टेराकोटा में और चौथी पंक्ति उषा अर्घ्य, 5 नवंबर, स्वर्ण में, सूर्योदय-सूर्यास्त के समय अंकित; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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छठ पूजा 2027: तारीख, समय, विधि और चार दिनों की पूरी कथा

सूर्य का महापर्व: 2027 की सटीक दिल्ली-गणना, चार दिनों की पूरी विधि, डूबते और उगते सूर्य के दोनों अर्घ्य, कथाएँ स्रोत-सहित, और छत्तीस घंटे के निर्जला व्रत पर एक ईमानदार सीमा-नोट के साथ।

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नई दिल्ली 2027 की बारह संकष्टी चतुर्थियों का बारह-खाना नक्शा, हर खाने में तारीख और चंद्रोदय-समय, 22 जून का अंगारकी खाना टेराकोटा में; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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संकष्टी चतुर्थी: विधि, 2027 की तारीखें, चंद्रोदय-समय और अंगारकी

गणेश का मासिक व्रत: 2027 की सटीक दिल्ली-गणना, चंद्रोदय तक का उपवास और उसकी विधि, अंगारकी मंगलवार, तेरह नाम और कथाएँ, स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट के साथ।

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शनिवार 20 मार्च 2027, नई दिल्ली की एक प्रदोष-संध्या की समय-रेखा: सूर्यास्त के इर्द-गिर्द विकिपीडिया की तीन घंटे की खिड़की और सूर्यास्त से त्रयोदशी-समाप्ति तक दृक् पंचांग की टेराकोटा पूजा-खिड़की, सूर्यास्त और तिथि-समाप्ति अंकित; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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प्रदोष व्रत: विधि, 2027 की तारीखें, पूजा-समय और शनि प्रदोष

शिव की पाक्षिक संध्या: 2027 की सटीक दिल्ली-गणना, सूर्यास्त की खिड़की और उसकी विधि, सोम-भौम-शनि प्रदोष, दोनों कथाएँ स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट।

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नई दिल्ली 2027 के चार दोहरे अमावस्या महीनों का चित्र: मार्च, जुलाई, सितंबर और नवंबर की 48-घंटे की समय-रेखाएँ, हर एक में आधी रात पार करती असली तिथि-पट्टी, सूर्योदय-चिह्न और दोनों छपे दिन-नाम; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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अमावस्या: महत्त्व, 2027 की तारीखें, सोमवती और शनि अमावस्या

अमावस, कैलेंडर का विराम-चिह्न: 2027 की सटीक दिल्ली-गणना, पितृ-कर्म से दिवाली तक, सोमवती-शनि नामांकित दिन, चार दोहरे महीने, स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट।

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नई दिल्ली 2027 की बारह पूर्णिमाओं का बारह-खाना नक्शा, हर खाने में माह, तारीख और त्योहार, श्रावण और कार्तिक के खानों में दो-दो तारीखें, होली और देव दीपावली टेराकोटा में; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
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पूर्णिमा: महत्त्व, 2027 की तारीखें, व्रत-नियम और त्योहार

पूर्ण चाँद, त्योहारों का शिखर: 2027 की सटीक दिल्ली-गणना, मध्याह्न-नियम, होली से कार्तिक तक हर माह का त्योहार, स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट।

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काल्पनिक कर्क लग्न के लिए दक्षिण भारतीय स्थिर-राशि चित्र, राशि-अंक और पूरे-राशि भाव-अंक अलग; कर्क पहला भाव उभारा गया, ग्रह नहीं रखे गए।
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कुंडली कैसे पढ़ें: राशि, भाव और एक स्पष्ट उदाहरण

राशि-अंक को भाव-अंक समझने की भूल से बचें। स्पष्ट धारणाओं और सीमाओं के साथ चरण-दर-चरण सांस्कृतिक परिचय।

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बारह राशियों के लिए काल्पनिक कर्क लग्न और वृषभ चंद्र से पूरे-राशि भाव गिनती; दोनों प्रथम-भाव मूल अलग उभारे गए।
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लग्न और राशि: उदित चिह्न और जन्म-चंद्र का अंतर

क्षितिज और चंद्र अलग प्रश्नों के उत्तर देते हैं। बिना जन्मपत्र गढ़े शब्द, संदर्भ और सीमाएँ समझें।

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सूर्य, चंद्र और एक बिंदु के काल्पनिक देशांतर, केवल अभ्यास के चौबीस-अंश घटाव से; राशि-नाम बदल भी सकता है और रह भी सकता है।
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चंद्र राशि और सूर्य राशि: दो पिंड, दो अलग प्रश्न

सूर्य और चंद्र राशि समान होना जरूरी नहीं। तुलना से पहले पिंड और राशि-चक्र के संदर्भ का नाम लिखें।

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मेष के नौ सटीक अंतराल और सामान्य पराशरी D9 राशियाँ; काल्पनिक सत्रह-अंश बिंदु के लिए सोलह अंश चालीस कला से बीस अंश का छठा खंड कन्या उभरा।
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नवांश की बुनियाद: D9 गणना, उदाहरण और सीमाएँ

जाँची जा सकने वाली D9 गणना, विवाह का फैसला नहीं। व्याख्या से पहले नियुक्ति-नियम सीखें।

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काल्पनिक17अंश वृषभ बिंदु: अलग खंड-आकार और नियमों से D3 में कन्या, D9 में मिथुन और D12 में वृश्चिक।
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वर्ग-कुंडली परिचय: सोलह वर्ग और अलग गणना-नियम

D-अंक पूरी विधि नहीं है। एक काल्पनिक जन्म-बिंदु से निकली तीन राशियों की तुलना करें।

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दो काल्पनिक D10 उदाहरण:5अंश10कला मेष खंड2 से वृषभ;17अंश30कला वृषभ खंड6 में मकर से मिथुन।
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करियर और कुंडली: D10 गणना, प्रमाण और बेहतर फैसले

कुंडली नियुक्ति-पत्र नहीं है। परंपरागत भाषा समझें और करियर का फैसला जाँचने योग्य सूचना से करें।

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आठ अधिकतम भार: वर्ण1,वश्य2,तारा3,योनि4,ग्रह मैत्री5,गण6,भकूट7,नाड़ी8, कुल36। असली मिलान नहीं।
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36 गुण मिलान: आठ भार, स्रोतों के मतभेद और सीमाएँ

आठ तुलनाओं का योग36 है। वे व्यक्ति का मूल्य, चिकित्सा-जोखिम या जोड़े का भविष्य नहीं मापतीं।

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तीन अलग परतें: इनपुट और नियम की गणना; स्रोत वाले दावों की परंपरागत व्याख्या; सहमति, व्यवहार और योजना वाले व्यक्ति। संयुक्त अंक नहीं।
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अंकों से आगे कुंडली मिलान: रिपोर्ट, व्यक्ति और सहमति

लंबी रिपोर्ट अधिक मजबूत प्रमाण नहीं। कुंडली की विधि से लोगों की इच्छा, व्यवहार और फैसला अलग रखें।

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सामान्य पूर्ण-राशि स्वामित्व में बारह लग्नों के अलग पंचमेश और सप्तमेश। संरचना की गणना, विवाह की भविष्यवाणी नहीं।
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प्रेम-विवाह योग: पंचम-सप्तम संबंध और उनकी सीमा

कुंडली का संबंध साथी का निर्णय नहीं। नियम, मतभेद और उनसे क्या सिद्ध नहीं होता, समझें।

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बारह अंकों में Kaala और Dharmagya की शुरुआती भाव-सूची। दूसरी में पहला भाव भी है। परिहार से पहले, अंतिम दर्जा नहीं।
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मंगल दोष मिलान: निष्कर्ष से पहले नियमों की तुलना

पाँच और छह भावों की जाँच एक नहीं। शुरुआती संकेत, अपवाद और जोड़े की व्याख्या अलग रखें।

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बारह कृत्रिम महीने-खाने: A दो से नौ, B छह से ग्यारह और साझा भाग छह से नौ। वास्तविक गोचर नहीं।
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ज्योतिष में विवाह का समय: अवधि, नियम और वास्तविक सीमाएँ

अनुमानित अवधि ऐसा समय नहीं जिसे निभाने की साथी ने हाँ की हो। विधि, मतभेद और प्रमाण की सीमा समझें।

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तीन अलग प्रश्न: घर में कमरा, कमरे में पलंग और सोते समय सिर की दिशा। केवल सांकेतिक भेद।
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शयनकक्ष वास्तु: दिशा, नींद की सलाह और सुरक्षा अलग समझें

कमरे का क्षेत्र, पलंग की जगह और सिर की दिशा तीन प्रश्न हैं। सांस्कृतिक पसंद सुरक्षित पहुँच या चिकित्सा की जगह नहीं।

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रसोई की चार अलग जाँच: घर का क्षेत्र, उपकरण की जगह, मुख और वास्तविक सुरक्षा। केवल सांकेतिक।
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रसोई का वास्तु: दिशा समझें, सुरक्षा की जाँच न छोड़ें

रसोई की जगह, चूल्हे का स्थान और मुख की दिशा अलग समझें; स्रोतों के मतभेद और अग्नि तथा हवा की सुरक्षा स्पष्ट रखें।

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प्रवेश के चार अलग संदर्भ: सीमा, बाहर का मुख, सीमा पर जगह और वास्तविक संचालन। फर्श का नक्शा नहीं।
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मुख्य प्रवेश का वास्तु: दिशा, दरवाजे की जगह और बाहर का रास्ता

दिशा को भविष्य का फैसला न बनाएँ। प्रवेश के स्रोतों में मतभेद, निजता, गिरने से बचाव और निकास की योजना अलग समझें।

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कार्यालय के चार प्रश्न: काम, शरीर और स्क्रीन, कमरा, वैकल्पिक दिशा। नापा नक्शा नहीं।
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कार्यालय का वास्तु: दिशा की पसंद कार्यस्थल की जाँच नहीं है

कार्यालय की मुख-दिशा पर मतभेद, शरीर की मुद्रा, चमक, पहुँच और विराम अलग समझें। लाभ का वादा या अनिवार्य खरीद नहीं।

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दो स्तंभों का भेद: फ्लैट के स्थिर हिस्से (दरवाज़े की दिशा, रसोई की शाफ़्ट, शौचालय का स्टैक, मोनोलिथिक दीवारें) और सुधार योग्य हिस्से (कमरों का उपयोग, पलंग-डेस्क की दिशा, फ़र्नीचर का भार, रोशनी और प्रवेश की देखभाल)। केवल सांकेतिक।
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बिना तोड़फोड़ वास्तु उपाय: जो हिलता है उसे ठीक करें, बाकी प्रबंधित करें

कमरों का उपयोग, पलंग-चूल्हे की दिशा, फ़र्नीचर का भार, रोशनी, सफ़ाई और प्रवेश की देखभाल उलटने योग्य और मुफ़्त हैं। दीवारें उपाय नहीं, प्रमाणित पेशेवरों का विषय हैं।

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हल उदाहरण: 12 मार्च 1990 की तिथि दो मार्गों में बँटती है, केवल तारीख से मूलांक 3 और पूरी तिथि से भाग्यांक 7, प्रत्येक के पारंपरिक ग्रह सहित। केवल सांकेतिक।
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मूलांक और भाग्यांक: जन्म के दो अंक, सरल भाषा में

मूलांक जन्म की तारीख से, भाग्यांक पूरी जन्मतिथि से। दोनों स्थिर हैं। विशेषता-सूचियाँ परंपरा हैं, और एकमात्र प्रत्यक्ष परीक्षण में भविष्यवाणी-क्षमता नहीं मिली।

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हल उदाहरण: नाम ARJUN से 1+2+1+6+5=15, घटकर नामांक 6, परंपरागत रूप से शुक्र से जुड़ा। केवल सांकेतिक, माप नहीं।
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नामांक: चाल्डियन चार्ट, हल उदाहरण और सीमाएँ

जन्म से जुड़े अंकों में सिर्फ़ नामांक बदल सकता है। इसे खुद निकालें, विशेषता-सूचियों को परंपरा मानें, और योग ठीक करवाने के लिए कभी भुगतान न करें।

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चार काल्पनिक मूलांक और भाग्यांक तुलना: 5:5, 8:2, 5:2 और 8:5। संबंध का स्कोर नहीं।
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अंक ज्योतिष अनुकूलता: तरीके और सीमाएँ

अलग कैलकुलेटर अलग अंक मिलाते हैं। गणित और सीमाएँ समझें, लेकिन सांस्कृतिक व्याख्या को रिश्ते का फैसला न बनाएँ।

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जन्म-नक्षत्र और चरण से नामाक्षर; समारोह के स्थान और पंचांग से समय-खिड़की। देखभाल पहले।
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नामकरण मुहूर्त: समय, नाम और सुरक्षा

नामकरण बच्चे का स्वागत है। परंपराओं और जन्म तथा समारोह के समय का अंतर समझें। माँ और बच्चे की देखभाल सबसे पहले रखें।

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मुंडन की तीन जाँच: पारिवारिक रूप और उम्र, स्थानीय पंचांग-पद्धति, और साफ उपकरण तथा रुकने के विकल्प सहित सुरक्षा।
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मुंडन मुहूर्त: परंपरा और सुरक्षित केश-कर्म

पारिवारिक परंपरा, पंचांग और वास्तविक सुरक्षा अलग रखें। शुभ समय असुरक्षित शेव को सुरक्षित नहीं करता।

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गृह प्रवेश के दो रास्ते: प्रकार, शहर और पंचांग बनाम वास्तविक पहुँच, तैयार घर, आग सुरक्षा और खुले निकास।
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गृह प्रवेश: परंपरा और घर की तैयारी

पारंपरिक समय और वास्तविक स्थानांतरण अलग रखें। मुहूर्त भवन-सुरक्षा का प्रमाणपत्र नहीं है।

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तीन स्तर: प्रतीकात्मक चिंतन, जाँच योग्य दावा, वास्तविक निर्णय
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ज्योतिष क्या कर सकता है और क्या नहीं

प्रतीकात्मक अर्थ और विश्वसनीय ज्ञान के बीच स्पष्ट सीमा।

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देखभाल पहले; वैकल्पिक पूजा अलग
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चिकित्सकीय ज्योतिष की सीमाएँ

सांस्कृतिक सहारा चिकित्सा मूल्यांकन या उपचार में देरी न करे।

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दावा, निष्पक्ष परीक्षण, प्रमाण और संशोधन
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ज्योतिष और विज्ञान: प्रमाण और सीमाएँ

क्या जाँचा गया, क्या मिला और क्या अभी अप्रमाणित है।

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आम सवाल

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