· पुष्य नक्षत्र
नक्षत्र 04 · चंद्रमा

रोहिणी नक्षत्र: स्वभाव, प्यार, करियर और पाद

रोहिणी चंद्रमा का नक्षत्र है और इसमें आकर्षण, स्थिरता और सुंदरता की समझ होती है। लोग आपकी बात और आपके स्वभाव की ओर खिंचते हैं।

नक्षत्र

रोहिणी

वृषभ 10°00′ – 23°20′

स्वामी ग्रह
चंद्रमा
देवता
ब्रह्मा
रोहिणी नक्षत्र का चित्र

स्वभाव

नरम, भरोसेमंद और सुंदरता पसंद। जल्दी किसी बदलाव को नहीं अपनाते, पर एक बार मन बना लें तो पूरा करते हैं।

आकर्षण, स्थिरता और सुंदरता को महत्व देना।

अच्छी बातें

  • आकर्षण
  • स्थिरता
  • स्वाद
  • भरोसा

ध्यान रखें

  • ज़िद
  • ईर्ष्या
  • आराम में डूबना
  • पुरानी बात पकड़ना

करियर

जहाँ सुंदरता, स्वाद, लोगों से जुड़ाव और स्थिरता चाहिए, वहाँ रोहिणी अच्छी रहती है। फ़ाइनेंस और कला भी सूट करते हैं।

डिज़ाइनहोटलवित्तकलाकॉस्मेटिक्स

प्यार और रिश्ते

गहरा प्यार और सुरक्षा चाहते हैं। साथी पर ज़्यादा नियंत्रण रखने से बचें; भरोसा बातचीत से बनता है।

सेहत

गला, दाँत, वजन और मीठे की चाहत पर ध्यान दें। रोज़ थोड़ी चहलकदमी और समय पर भोजन फ़ायदा करेगा।

चार पाद

नीचे इस नक्षत्र के चारों पाद, उनकी नवांश राशि और एक छोटा संकेत दिया है।

पाद अंश नवांश राशि संकेत
पहला पाद 0°20′ – 3°20′ मेष इस पाद में शुरुआत करने की ऊर्जा और सीधी बात दिखती है।
दूसरा पाद 3°20′ – 6°20′ वृषभ इस पाद में धैर्य, व्यवस्था और लंबे समय तक टिकने की आदत दिखती है।
तीसरा पाद 6°20′ – 9°20′ मिथुन इस पाद में सीखने, बातचीत और नए विचारों की उत्सुकता दिखती है।
चौथा पाद 9°20′ – 12°20′ कर्क इस पाद में भावना, देखभाल और लोगों से जुड़ने की समझ दिखती है।

परंपरा में सुझाया उपाय

चंद्रमा के लिए सोमवार को दूध या चावल का दान परंपरा में बताया जाता है। दान किसी ज़रूरतमंद को ही दें।

यह परंपरा में बताया गया उपाय है। इसे श्रद्धा और सुविधा से करें; किसी डर या दबाव से नहीं।

मेल

परंपरा में एक ही गण और अलग नाड़ी वाले नक्षत्रों का मेल सहज माना जाता है। नीचे कुछ नक्षत्र दिए हैं; पूरा मिलान दोनों कुंडलियों से देखें।

गुण मिलान टूल खोलें

आम सवाल

आम सवाल

रोहिणी नक्षत्र वालों का स्वभाव कैसा होता है?

नरम, भरोसेमंद और सुंदरता पसंद। जल्दी किसी बदलाव को नहीं अपनाते, पर एक बार मन बना लें तो पूरा करते हैं।

रोहिणी नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?

रोहिणी नक्षत्र का स्वामी ग्रह चंद्रमा है और इसके देवता ब्रह्मा हैं। इसका प्रतीक बैलगाड़ी है।

अपना जन्म नक्षत्र कैसे पता करें?

जन्म तिथि, सही जन्म समय और शहर से चंद्रमा की स्थिति निकालें। उसी से नक्षत्र और पाद मिलता है। हमारा नक्षत्र खोजें टूल यह काम ब्राउज़र में करता है।

क्या रोहिणी नक्षत्र के बारे में डरने की कोई बात है?

नहीं। हर नक्षत्र में अच्छी और मेहनत वाली दोनों बातें होती हैं। इसे स्वभाव समझने का संकेत मानें, किसी डर या पक्के भविष्यफल की तरह नहीं।

स्रोत और आधार:

पंचांग और ग्रहों की गणना सामान्य खगोलीय सूत्रों से होती है। ज्योतिषीय अर्थ परंपरा से हैं। बड़े फैसलों के लिए विशेषज्ञ से सलाह लें।

गणना का तरीका
मुफ़्त और आसान

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