· पुष्य नक्षत्र
नक्षत्र 21 · सूर्य

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र: स्वभाव, प्यार, करियर और पाद

उत्तराषाढ़ा स्थिरता और लंबे समय तक टिकने वाली मेहनत का नक्षत्र है। इन लोगों में धैर्य और जीतने की शांत ज़िद होती है।

नक्षत्र

उत्तराषाढ़ा

धनु 26°40′ – मकर 10°00′

स्वामी ग्रह
सूर्य
देवता
विश्वेदेवा
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का चित्र

स्वभाव

शांत, ज़िम्मेदार और भरोसेमंद। फैसले धीरे लेते हैं, पर एक बार तय करने पर पीछे नहीं हटते।

स्थिरता, जीत और लंबे समय तक टिकने वाली मेहनत।

अच्छी बातें

  • धैर्य
  • स्थिरता
  • नेतृत्व
  • लंबी मेहनत

ध्यान रखें

  • हठ
  • बदलाव से डर
  • ज़्यादा ज़िम्मेदारी
  • भावना छिपाना

करियर

प्रशासन, कानून, शिक्षा, निर्माण और दीर्घकालिक परियोजनाओं में अच्छा रहता है। जहाँ सालों का काम हो, वहाँ आप टिकते हैं।

प्रशासनकानूनशिक्षानिर्माणदीर्घ परियोजनाएँ

प्यार और रिश्ते

रिश्ते में स्थिरता और वफ़ादारी चाहते हैं। भावना दिखाना कमज़ोरी नहीं; साथी को अपने दिल की बात बताएँ।

सेहत

घुटने, हड्डियाँ और जोड़ों का ध्यान रखें। लंबे समय बैठने से बचें और हल्की स्ट्रेचिंग करें।

चार पाद

नीचे इस नक्षत्र के चारों पाद, उनकी नवांश राशि और एक छोटा संकेत दिया है।

पाद अंश नवांश राशि संकेत
पहला पाद 0°20′ – 3°20′ धनु इस पाद में शुरुआत करने की ऊर्जा और सीधी बात दिखती है।
दूसरा पाद 3°20′ – 6°20′ मकर इस पाद में धैर्य, व्यवस्था और लंबे समय तक टिकने की आदत दिखती है।
तीसरा पाद 6°20′ – 9°20′ कुंभ इस पाद में सीखने, बातचीत और नए विचारों की उत्सुकता दिखती है।
चौथा पाद 9°20′ – 12°20′ मीन इस पाद में भावना, देखभाल और लोगों से जुड़ने की समझ दिखती है।

परंपरा में सुझाया उपाय

सूर्य के लिए रविवार को गेहूँ, गुड़ या ताँबे का दान परंपरा में बताया गया है।

यह परंपरा में बताया गया उपाय है। इसे श्रद्धा और सुविधा से करें; किसी डर या दबाव से नहीं।

मेल

परंपरा में एक ही गण और अलग नाड़ी वाले नक्षत्रों का मेल सहज माना जाता है। नीचे कुछ नक्षत्र दिए हैं; पूरा मिलान दोनों कुंडलियों से देखें।

गुण मिलान टूल खोलें

आम सवाल

आम सवाल

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र वालों का स्वभाव कैसा होता है?

शांत, ज़िम्मेदार और भरोसेमंद। फैसले धीरे लेते हैं, पर एक बार तय करने पर पीछे नहीं हटते।

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी ग्रह सूर्य है और इसके देवता विश्वेदेवा हैं। इसका प्रतीक हाथी दाँत है।

अपना जन्म नक्षत्र कैसे पता करें?

जन्म तिथि, सही जन्म समय और शहर से चंद्रमा की स्थिति निकालें। उसी से नक्षत्र और पाद मिलता है। हमारा नक्षत्र खोजें टूल यह काम ब्राउज़र में करता है।

क्या उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के बारे में डरने की कोई बात है?

नहीं। हर नक्षत्र में अच्छी और मेहनत वाली दोनों बातें होती हैं। इसे स्वभाव समझने का संकेत मानें, किसी डर या पक्के भविष्यफल की तरह नहीं।

स्रोत और आधार:

पंचांग और ग्रहों की गणना सामान्य खगोलीय सूत्रों से होती है। ज्योतिषीय अर्थ परंपरा से हैं। बड़े फैसलों के लिए विशेषज्ञ से सलाह लें।

गणना का तरीका
मुफ़्त और आसान

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