यह रत्न क्यों
मकर राशि का स्वामी शनि है, और नीलम शनि का रत्न है। इसे अनुशासन और धैर्य से जोड़ा जाता है।
पहनने का परंपरागत तरीका
परंपरा में नीलम को चाँदी या पंचधातु में जड़कर मध्यमा उंगली में शनिवार को पहनने की सलाह दी जाती है। पहनने से पहले पत्थर साफ हो और त्वचा को छूता हो, यह मान्यता है।
- धातु: चाँदी या पंचधातु
- उंगली: मध्यमा
- दिन: शनिवार
- विकल्प (उपरत्न): अमेथिस्ट या आयोलाइट
सावधानी
नीलम सबसे तेज़ असर वाला रत्न माना जाता है। परंपरा में पहले कुछ दिन तक रखकर परखने (ट्रायल) की सलाह दी जाती है; सूट न करे तो न पहनें।