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राशि रत्न · मीन

मीन राशि का रत्न: पुखराज

मीन राशि का परंपरागत रत्न, पहनने का तरीका, विकल्प और सावधानी एक पेज पर।

रत्न

♓ पुखराज

विकल्प: सिट्रीन

यह रत्न क्यों

मीन राशि का स्वामी गुरु है, इसलिए पुखराज यहाँ का रत्न है। मीन में गुरु की करुणा और आस्था वाली भूमिका मानी जाती है।

पहनने का परंपरागत तरीका

परंपरा में पुखराज को सोना में जड़कर तर्जनी उंगली में गुरुवार को पहनने की सलाह दी जाती है। पहनने से पहले पत्थर साफ हो और त्वचा को छूता हो, यह मान्यता है।

  • धातु: सोना
  • उंगली: तर्जनी
  • दिन: गुरुवार
  • विकल्प (उपरत्न): सिट्रीन

सावधानी

पुखराज पहनने से पहले गुरु की स्थिति देख लें; गुरु कमजोर स्थिति में हो तोभी अनुभवी सलाह लें।

रत्न परंपरा का हिस्सा है; इसका वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। महँगा रत्न खरीदने से पहले लैब प्रमाणपत्र लें और ज़रूरत हो तो अपनी कुंडली किसी अनुभवी ज्योतिषी से दिखाएँ।
आम सवाल

आम सवाल

मीन राशि का रत्न कौन सा है?

परंपरा में मीन राशि का रत्न पुखराज है, क्योंकि इस राशि का स्वामी गुरु है। विकल्प के रूप में सिट्रीन माना जाता है।

पुखराज किस उंगली में पहनें?

परंपरा में पुखराज सोना में जड़कर तर्जनी उंगली में गुरुवार को पहनते हैं।

स्रोत और आधार:

पंचांग और ग्रहों की गणना सामान्य खगोलीय सूत्रों से होती है। ज्योतिषीय अर्थ परंपरा से हैं। बड़े फैसलों के लिए विशेषज्ञ से सलाह लें।

गणना का तरीका
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