यह रत्न क्यों
तुला राशि का स्वामी शुक्र है, इसलिए हीरा या ओपल यहाँ का रत्न है। इसे संतुलन और सौंदर्य से जोड़ा जाता है।
पहनने का परंपरागत तरीका
परंपरा में हीरा या ओपल को चाँदी या सफ़ेद सोना में जड़कर मध्यमा उंगली में शुक्रवार को पहनने की सलाह दी जाती है। पहनने से पहले पत्थर साफ हो और त्वचा को छूता हो, यह मान्यता है।
- धातु: चाँदी या सफ़ेद सोना
- उंगली: मध्यमा
- दिन: शुक्रवार
- विकल्प (उपरत्न): ओपल या जरकन
सावधानी
ओपल नरम पत्थर है और जल्दी खरोंचता है; रोज़ पहनने की अंगूठी में इसका ध्यान रखें।