यह रत्न क्यों
वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल है, इसलिए मूंगा यहाँ का रत्न है। वृश्चिक में मंगल की गहरी और स्थिर ऊर्जा मानी जाती है।
पहनने का परंपरागत तरीका
परंपरा में लाल मूंगा को ताँबा या सोना में जड़कर अनामिका उंगली में मंगलवार को पहनने की सलाह दी जाती है। पहनने से पहले पत्थर साफ हो और त्वचा को छूता हो, यह मान्यता है।
- धातु: ताँबा या सोना
- उंगली: अनामिका
- दिन: मंगलवार
- विकल्प (उपरत्न): कार्नेलियन
सावधानी
मूंगे के नकली प्लास्टिक या चूने के नकल बाज़ार में आम हैं। लैब प्रमाणपत्र ज़रूर लें।