· पुष्य नक्षत्र
राशियाँ

मकर राशि: राशि-चक्र की चढ़ाई

मकर वह चर पृथ्वी है जो चढ़ती है: शनि की अपनी राशि, जल और चट्टान दोनों का निवासी मगर-शावक, जहाँ मंगल उच्च उठता है और गुरु को अपनी कृपा कमानी पड़ती है। ग्रंथ-वर्णन से आधुनिक राशि-विज्ञान तक, लंबे खेल की कला और नियंत्रण की चुनौती, स्रोत-सहित, और एक ईमानदार सीमा-नोट के साथ।

बारह राशियों की एक पट्टी जिसमें दसवाँ खाना टेराकोटा में भरा, 270 से 300 अंश अंकित; उसके भीतर उत्तराषाढ़ा के शेष पदों, श्रवण और धनिष्ठा के पहले दो पदों के खंड; यह एक योजनाबद्ध चित्र है
दसवाँ खाना: मकर राशि-चक्र के 270 से 300 अंश तक फैली है, और इसमें तीन नक्षत्र-खंड आते हैं, उत्तराषाढ़ा के शेष तीन पद, श्रवण पूरा और धनिष्ठा के केवल पहले दो पद; चित्र योजनाबद्ध है, माप सटीक अंश-रेखाओं पर आधारित

तीर अपने निशाने तक पहुँचा है, और निशाने के आगे पहाड़ खड़ा है। दसवीं राशि मकर चर पृथ्वी-तत्व के तीस अंश है, राशि-चक्र का मगर-शावक, और वह राशि जिसे सत्योरी का मकर-परिचय संरचना, अनुशासन और सतत परिश्रम से सांसारिक उपलब्धि का सिद्धांत कहता है। यह लेख उसी चढ़ाई की पूरी पड़ताल करता है: राशि की बनावट, ग्रंथ का मकर-चंद्रमा वर्णन, काल का स्वामी और वे दो ग्रह जिनके उच्च और नीच इसी राशि के सटीक अंशों पर अंकित हैं, व्यक्तित्व, करियर, रिश्ते और स्वास्थ्य की पारंपरिक प्रवृत्तियाँ, और अंत में एक ईमानदार सीमा-नोट।

स्रोत वही चार हैं, प्रत्येक इसी लेख के लिए लिया गया: सत्योरी का मकर राशि-परिचय, एक आधुनिक ज्योतिष संदर्भ जिसकी अंतिम समीक्षा मई 2026 में हुई; विकिपीडिया का Capricorn लेख सायन ढाँचे के लिए और Capricornus लेख पौराणिक कथा के लिए; बृहज्जातकम् का सत्रहवाँ अध्याय, VedicPupil पर प्रकाशित अंग्रेज़ी अनुवाद में, जिसे हमने सीधे पढ़ा; और पंचांगटाइम की विंशोत्तरी दशा-पद्धति तालिका। जहाँ स्रोत हेतु रखते हैं या आपस में असहमत हैं, हेतु खड़ा रहता है।

दसवाँ खाना: बनावट

मकर राशि-चक्र की दसवीं राशि है, 270 से 300 अंश तक। इसका प्रतीक स्वयं मकर है, भारतीय जलों का मगरमच्छ, जिसे पश्चिमी आकृति समुद्री बकरी के रूप में दिखाती है; सत्योरी दोनों रखता है, राशि को Crocodile कहकर कोष्ठक में Sea-Goat जोड़ता है, और प्राणी को ऐसे पढ़ता है जो जल और स्थल दोनों का निवासी है, भावनात्मक गहराइयों में उतरने और भौतिक ऊँचाइयों पर चढ़ने दोनों में समर्थ। तत्व पृथ्वी है, स्वभाव चर, और स्वामी शनि; चर पृथ्वी-राशि सामरिक, व्यवस्थित कर्म से आरंभ करती है, और परिचय इसकी तुलना पहली राशि से करता है: जहाँ मेष आवेग से आरंभ करता है, मकर योजना से आरंभ करती है, हर कदम परका हुआ, हर संसाधन गिना हुआ। कालपुरुष के वैदिक मानचित्र में, जिस काल-पुरुष के शरीर पर बारह राशियाँ बिछी हैं, मकर घुटने हैं: वे जोड़ जो पूरे शरीर का भार उठाते हैं और तय करते हैं कि चढ़ाई जारी रहेगी या नहीं। पृष्ठ इस राशि के लिए जिन रूपों के नाम देता है वे हैं: प्रशासक, निर्माता और अधिकारी।

मकर में तीन नक्षत्र-खंड आते हैं: उत्तराषाढ़ा के दूसरे, तीसरे और चौथे पद, श्रवण पूरा, और धनिष्ठा के पहले दो पद। प्रत्येक नक्षत्र राशि-चक्र के 13 अंश 20 कला का होता है, इसलिए उत्तराषाढ़ा के शेष तीन पद 270 से 280 अंश तक, श्रवण वहाँ से 293 अंश 20 कला तक, और धनिष्ठा का प्रथमार्ध 300 अंश तक चलता है; यह गणना मानक नक्षत्र-विभाजन से हमारी है। इसलिए दो लोग दोनों मकर कहलाते हुए भी एक ही राशि के भीतर अलग नक्षत्र धारण कर सकते हैं, और ज्योतिष में नक्षत्र का अपना भार है। इस संग्रह में सत्ताईसों नक्षत्रों का अलग परिचय है, जिनमें उत्तराषाढ़ा, श्रवण और धनिष्ठा भी हैं; यहाँ इतना काफी है कि राशि ढाँचा देती है और नक्षत्र उसके भीतर सूक्ष्म छाया भरता है।

संदर्भ-तालिकाएँ छोटी निश्चितताएँ भी जोड़ती हैं। विकिपीडिया Capricorn को कन्या और वृषभ के साथ तीन पृथ्वी-राशियों में, ऋणात्मक अर्थात स्त्री-पोलरिटी वाली राशियों में, और चार चर राशियों में गिनती है, और राशि-चक्र के उस पार इसकी विपरीत राशि कर्क है। सत्योरी की क्विक-फैक्ट्स तालिका हर बिंदु पर सहमत है, पृथ्वी, चर, स्त्री, 270 से 300 अंश, और दोष-कॉलम जोड़ती है, जिस पर हम नीचे स्वास्थ्य-नोट में लौटेंगे।

मकर और Capricorn: दो पैमाने, एक आकाश

ये राशि-चक्र के दसवें 30 अंश के दो नाम हैं: मकर वैदिक (निरक्षर) परंपरा का नाम है और Capricorn पश्चिमी (सायन) परंपरा का। सायन राशि-चक्र विषुव-बिंदु से जुड़ा है और निरक्षर तारों से, और दोनों के बीच लगभग 24 अंश का अयनांश अंतर है, यह आंकड़ा सत्योरी के अपने FAQ का है, इसलिए आपकी पश्चिमी सन-साइन और वैदिक राशि अलग हो सकती है। तिथियों पर विकिपीडिया का Capricorn पृष्ठ स्वयं से एक दिन का मतभेद रखता है: इसकी सारणी 2026 के लिए 21 दिसंबर से 20 जनवरी देती है, अमेरिकी नौसैनिक वेधशाला की पंचांग-पुस्तिका का हवाला देते हुए, जबकि मुख्य पाठ कहता है कि सूर्य सायन Capricorn में लगभग 22 दिसंबर से 20 जनवरी तक रहता है। हम दोनों पाठ खड़े रखते हैं, जैसे इस शृंखला में भर से करते आए हैं; वेधशाला की अपनी टिप्पणी जोड़ती है कि बताया गया वर्ष दिसंबर की तिथि पर लागू है और जनवरी की तिथि अगले वर्ष में पड़ती है। वैदिक मकर की गणना पंचांग से होती है, इन सायन तिथियों से नहीं।

मगर-बकरी: सबसे पुरानी आकृति

इस राशि के नीचे का प्राणी आकाश के सबसे पुरानों में है। विकिपीडिया के Capricornus लेख के अनुसार इस तारामंडल को मध्य कांस्य युग से लगातार बकरी और मछली के मिश्रित रूप में दर्शाया गया है, जब बेबीलोनियाई इसे MUL.SUḪUR.MAŠ, अर्थात Goat-Fish लिखते थे, अपने देवता एआ के प्रतीक के रूप में। यूनानी पौराणिक कथा में यह तारामंडल कभी-कभी अमाल्थिया कहा जाता है, वह बकरी जिसने शिशु ज़्यूस को दूध पिलाया जब उसकी माँ रिया ने उसे पिता क्रोनोस के निगलने से बचाया; अमाल्थिया का टूटा सींग कॉर्नूकोपिया बना, भरपूरता का सींग। इसे कभी-कभी पैन भी कहा जाता है, बकरी के सींगों और टांगों वाला देवता, जिसने दानव टायफॉन से बचने के लिए स्वयं को मछली की पूँछ दी और नदी में कूद गया। दो उम्मीदवार, दोनों स्रोत के अपने "कभी-कभी" के साथ; हम उन्हें ऐसे ही रखते हैं। वही लेख बताता है कि मकर रेखा आज भी पृथ्वी पर उस रेखा का नाम है जहाँ दिसंबर अयनांत के दिन स्थानीय दोपहर में सूर्य ठीक सिर के ऊपर होता है, और यह कि नेपच्यून की खोज 23 सितंबर 1846 को तारा Deneb Algedi के पास हुई थी। पुरानी आकृति राशि की दोहरी प्रकृति एक ही शरीर में रखती है: चट्टान पर चढ़ने वाली बकरी, गहराई में तैरने वाली मछली।

ग्रंथ का मकर-चंद्रमा: बृहज्जातकम्

बृहज्जातकम् का सत्रहवाँ अध्याय प्रत्येक चंद्र-राशि का एक श्लोक-चित्र देता है, और हम मकर का श्लोक VedicPupil के अंग्रेज़ी अनुवाद से उद्धृत करते हैं, जिसे इस लेख के लिए सीधे लिया और पढ़ा गया। मकर में चंद्रमा: सदा अपनी पत्नी और संतानों को लाड़ करता है, धर्म का दिखावा करता है (धर्मध्वज), अधो-शरीर से दुबला, बारीक नेत्रों और पतली कमर वाला, जो सलाह स्वीकार करता है, या, जैसा अनुवादक का अपना कोष्ठक देता है, जिसका वचन स्वीकार किया जाता है, भाग्यशाली, आलसी, ठंड से संवेदनशील, घुमक्कड़, दृढ़-सत्त्व का, कवि, लोभी, अनुचित और वृद्ध स्त्रियों की ओर आकर्षित, लज्जा से बेखबर और दयाहीन (अघृण)। पृष्ठ स्वयं श्लोक को एक सरल अर्थ में समेटता है: परिवार से समर्पित, दृढ़-आत्मा, काव्यमय; आलस्य, लोभ और रिश्तों पर ध्यान चाहिए। हम अनुवादक के कोष्ठक-विकल्प को ठीक छपे रूप में रखते हैं, "जो सलाह स्वीकार करता है" के साथ "जिसका वचन स्वीकार किया जाता है"; दोनों पाठ चित्र को विपरीत दिशाओं में खींचते हैं, और अनुवाद स्वयं चुनने से इनकार करता है। वही अध्याय अपना हेतु श्लोक 17.13 में रखता है: ये बारह चंद्र-राशि स्वभाव तब लागू होते हैं जब कुंडली में कोई अन्य ग्रह या स्थिति उस राशि को प्रभावित न करे; अन्यथा लक्षण बदल जाते हैं। परंपरा ने पहले कह दिया कि उसके चित्र फैसले नहीं हैं। बारह चंद्र-राशि श्लोक अध्याय की चार सौ नौ पंक्तियों में से अट्ठाईस हैं; यह बताता है कि ये आकृतियाँ कितनी पुरानी हैं, और यह भी कि पुस्तक में और कितना कुछ है।

शनि का अपना घर, जहाँ मंगल उच्च का

मकर शनि की अपनी राशि है, और उच्च-नीच तालिका इस राशि को परिश्रम और उसकी सीमा का सटीक मिलन-बिंदु बनाती है। मंगल यहाँ उच्च का है, 28 अंश पर, और सत्योरी कारण पूरा देता है: मंगल मकर में इसलिए उच्च का है क्योंकि अनुशासित कर्म, आवेग के बजाय रणनीति से चलाई गई ऊर्जा, मंगल का सबसे प्रभावी रूप है। गुरु यहाँ नीच का है, 5 अंश पर, क्योंकि मकर की व्यावहारिकता गुरु के विस्तारशील आशावाद और श्रद्धा को सीमित करती है; मकर में, परिचय कहता है, दृष्टि परिश्रम से अर्जित करनी पड़ती है, केवल कृपा पर्याप्त नहीं। विकिपीडिया की तालिका तीसरी प्रविष्टि जोड़ती है: चंद्रमा इस राशि में detriment में है। और दशा-तालिका स्वामी को समय में उसका हक देती है: पंचांगटाइम की विंशोत्तरी पद्धति के अनुसार शनि की महादशा 19 वर्ष की है, शुक्र की 20 के बाद दूसरी, और बुध की 17, गुरु की 16, चंद्र की 10, मंगल की 7 तथा सूर्य की 6 से आगे। सबसे धीमा दृश्य ग्रह दूसरी सबसे लंबी पहरेदारी रखता है; लंबे खेल की राशि का स्वामी वही ग्रह है जिसके पास सबसे ज़्यादा समय है।

स्वभाव, काम और रिश्ते: परंपरा का नक्शा

सत्योरी का चित्र: मकर जातक अनुशासित, जिम्मेदार और शांत महत्वाकांक्षी होते हैं, और एक सूखा हास्य-बोध जो सहज होने पर ही दिखता है। वे बचपन से ही एक गंभीरता लिए रहते हैं जो अक्सर शीघ्र जिम्मेदारी या कठिन बचपन की परिस्थितियों से आती है। उनका धैर्य प्रसिद्ध है; परिचय कहता है कि वे उस लक्ष्य के लिए दशकों काम करेंगे जिसे दूसरे महीनों में छोड़ देते हैं। और नामित परीक्षा: यह सीखना कि नियंत्रण सुरक्षा नहीं है, और असुरक्षित होना कमजोरी नहीं। वही पृष्ठ राशि को कर्म, करियर और सार्वजनिक प्रतिष्ठा के दसवें भाव से जोड़ता है, यही वजह है कि इसके वर्णन बार-बार काम, संरचना और प्रतिष्ठा पर लौटते हैं।

करियर में वर्णन-परंपरा उन्हें सरकार, प्रशासन, इंजीनियरिंग, वास्तुकला, बैंकिंग, परियोजना प्रबंधन और कॉर्पोरेट नेतृत्व में रखती है; वे लंबे खेल के रणनीतिकार हैं जो धैर्य और संरचना से संस्थाएँ और साम्राज्य बनाते हैं, जटिल व्यवस्थाएँ संभालते हैं और नौकरशाही में रास्ता निकालते हैं, सौभाग्य के झटकों से नहीं बल्कि लगातार आगे बढ़ते हैं, और करिश्मे से नहीं योग्यता से सम्मान कमाते हैं। सत्योरी का अपना हेतु यहाँ भी खड़ा है: करियर के परिणाम दसवें भाव के स्वामी, ग्रह-दशाओं और कुंडली की समग्र मजबूती पर निर्भर हैं।

रिश्तों में मकर जातक निष्ठावान, भरोसेमंद और साथी चुनने के बाद गहराई से प्रतिबद्ध होते हैं, पर वे धीरे और सावधानी से चुनते हैं। भावनात्मक अभिव्यक्ति उनके लिए स्वाभाविक नहीं; वे प्रेम उपलब्ध कराने, रक्षा करने और एक स्थिर जीवन बनाने से दिखाते हैं। साथी उन्हें शुरू में आरक्षित या भावनात्मक रूप से दूर पा सकते हैं, पर शनि के बाहरी आवरण के नीचे, परिचय कहता है, गहन समर्पण की क्षमता है; उन्हें ऐसे साथी चाहिए जो उनका भरोसा कमाने का धैर्य रखें और रोमांच से ज़्यादा स्थिरता को महत्व दें। ग्रंथ-श्लोक ने पहले ही पैटर्न की पहली पंक्ति दे दी थी: वह मकर-चंद्रमा जातक जो सदा अपनी पत्नी और संतानों को लाड़ करता है।

स्वास्थ्य पर वर्णन-परंपरा मकर को घुटनों, जोड़ों, हड्डियों, दाँतों और त्वचा से जोड़ती है, संधिवात, जोड़ों की जकड़न, दंत समस्याओं और उन स्थितियों की प्रवृत्ति के साथ जो शीघ्र ध्यान न देने पर उम्र के साथ बिगड़ती हैं; सत्योरी जोड़ता है कि शनि का प्रभाव एक ऐसी प्रकृति बनाता है जो प्रायः समय के साथ सुधरती है, इसलिए जो जातक युवावस्था में स्वास्थ्य से जूझते हैं वे तीस से पैंतीस वर्ष की उम्र के बाद अपनी प्रकृति को मजबूत होता पा सकते हैं, और वज़न-सहने वाला व्यायाम, पर्याप्त कैल्शियम और नियमित जोड़-देखभाल की सलाह देता है। इसका दोष-नोट मकर को पृथ्वी-तत्व होते हुए भी शनि की शीतल, शुष्क प्रकृति से वात आत्मीयता देता है, जोड़ों और चिंतन दोनों में शुष्कता, शीतलता और कठोरता की ओर, और गर्म, पौष्टिक, तैलीय भोजन, तिल के तेल की मालिश, वातावरण में गर्माहट और स्वाभाविक कठोर संरचना में लचीलापन और नर्मी लाने वाले अभ्यास सुझाता है। यह सब उस स्रोत का आयुर्वेदिक ढाँचा है, उसके नाम से दिया गया; यह लेख कोई चिकित्सा-सलाह नहीं देता, और किसी भी लक्षण पर डॉक्टर ही अधिकारी है। यदि आप गर्भवती हैं, बीमार हैं, बुज़ुर्ग हैं या दवाओं पर हैं, तो परंपरा का कोई भी उल्लिखित नियम डॉक्टर के वचन के बिना आपके लिए नहीं है।

ईमानदार सीमा

राशि-वर्णन परंपरा का ढाँचा है, मापा हुआ मनोविज्ञान नहीं। ऊपर का सब कुछ ग्रंथ और एक आधुनिक परिचय मकर के विषय में कहते हैं, उनके नाम और तिथियों सहित दर्ज; यह हमारे किसी व्यक्ति पर किया माप नहीं है। बृहज्जातकम् स्वयं प्रत्येक लक्षण को इस शर्त से बांधता है कि शेष कुंडली राशि को विचलित न करे, और सत्योरी स्वयं करियर को दशम-स्वामी और दशाओं की शर्त से बांधता है। राशि कुंडली का एक धागा है, आपके मूल्य का कोई धागा नहीं। किसी और को उसकी राशि से नापें न, और खुद को भी किसी एक में न ढालें; मकर होना केवल यह होना नहीं है।

एक व्यावहारिक परीक्षा भी रखें: यदि यहाँ का कोई वर्णन आप पर बिल्कुल नहीं बैठता, तो वह न आपकी गलती है न परंपरा की; ग्रंथ ने पहले ही कह दिया था कि ये चित्र सामान्य हैं। और यदि कोई वर्णन बैठ जाता है, तो उसे अपनी छत न बनाएँ; परंपरा ने ही इस राशि को एक शरीर में दो तत्व दिए हैं, चढ़ने की धरती और तैरने का जल, और कौन-सा तत्व कोई जीवन उपयोग करता है, वह अभ्यास से होता है, राशि से निर्धारित नहीं।

छोटे उत्तर

मकर और Capricorn में क्या अंतर है? पैमाने का विषय: वैदिक निरक्षर मकर तारों से जुड़ी है, सायन Capricorn विषुव से, और दोनों के बीच लगभग 24 अंश का अंतर है; इसलिए एक ही जन्म-तिथि दोनों प्रणालियों में अलग राशियों में पड़ सकती है। मकर में मंगल उच्च का क्यों है? क्योंकि, सत्योरी के अनुसार, अनुशासित कर्म मंगल का सबसे प्रभावी रूप है: रणनीति की राशि ऊर्जा के ग्रह को 28 अंश पर उठाती है, जबकि गुरु, जिसकी कृपा यहाँ कमानी पड़ती है, 5 अंश पर नीच पड़ता है। क्या मकर के लोग सच में भावहीन होते हैं? परंपरा आरक्षण को धैर्य की कीमत कहती है, और ग्रंथ-श्लोक का पहला ही लक्षण वह जातक है जो सदा पत्नी-संतान को लाड़ करता है; ग्रंथ स्वयं कहता है कि लक्षण शेष कुंडली के साथ बदलते हैं। क्या राशि से व्यक्तित्व जानना वैज्ञानिक है? नहीं; यह परंपरा का वर्णनात्मक ढाँचा है, ठीक उसी रूप में प्रस्तुत, स्रोत-सहित।

आम सवाल

इस लेख के सवाल

मकर और Capricorn में क्या अंतर है?

राशि-चक्र के दसवें 30 अंश के दो नाम हैं: मकर वैदिक (निरक्षर) परंपरा का नाम है और Capricorn पश्चिमी (सायन) परंपरा का। फर्क इतना है कि सायन राशि-चक्र विषुव-बिंदु से जुड़ा है और निरक्षर तारों से; दोनों के बीच लगभग 24 अंश का अयनांश अंतर है, इसलिए आपकी पश्चिमी सन-साइन और वैदिक राशि अलग हो सकती है। विकिपीडिया की सारणी 2026 में सायन Capricorn को 21 दिसंबर से 20 जनवरी देती है जबकि उसका मुख्य पाठ लगभग 22 दिसंबर से 20 जनवरी कहता है; वैदिक मकर की गणना पंचांग से होती है।

मकर में कौन-से ग्रह उच्च या नीच के हैं?

मंगल मकर में 28 अंश पर उच्च का है और गुरु 5 अंश पर नीच का; सत्योरी दोनों के कारण देता है: अनुशासित कर्म मंगल का सबसे प्रभावी रूप है, और मकर की व्यावहारिकता गुरु के आशावाद को इसलिए सीमित करती है क्योंकि यहाँ दृष्टि परिश्रम से कमानी पड़ती है। विकिपीडिया की तालिका जोड़ती है कि चंद्रमा यहाँ detriment में है।

क्या मकर के लोग सच में भावहीन होते हैं?

परंपरा आरक्षण को भावहीनता नहीं, धैर्य की कीमत कहती है: सत्योरी के अनुसार शनि के बाहरी आवरण के नीचे गहन समर्पण की क्षमता है, और मकर जातक प्रेम उपलब्ध कराने, रक्षा करने और स्थिर जीवन बनाने से दिखाते हैं। बृहज्जातकम् के मकर-चंद्रमा श्लोक का पहला ही लक्षण वह जातक है जो सदा अपनी पत्नी और संतानों को लाड़ करता है। और ग्रंथ स्वयं (17.13) कहता है कि ये लक्षण बाकी कुंडली के साथ बदलते हैं। किसी व्यक्ति को उसकी राशि से न ढालें, न आंकें।

क्या राशि से व्यक्तित्व जानना वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है?

नहीं, और यह लेख ऐसा दावा नहीं करता। राशि-वर्णन ज्योतिष परंपरा का ढाँचा है जो सदियों से ग्रंथों और परंपरागत ज्योतिषियों के माध्यम से चला है; हम उसे उसी रूप में प्रस्तुत करते हैं, स्रोत-सहित। इसे मनोविज्ञान या चिकित्सा का विकल्प न मानें; खुद को जानने के लिए यह एक सांस्कृतिक आईना हो सकता है, कोई मापनी नहीं।

अमन राज · संस्थापक और संपादक

हम ज्योतिष को आसान भाषा में लिखते हैं। हम डर, बड़े वादे या पक्के भविष्यफल नहीं बेचते। हमारी संपादन नीति.

ज़रूरी बात: यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है, पेशेवर सलाह नहीं। ज्योतिष को मनोरंजन और सामान्य मार्गदर्शन की तरह देखें। स्वास्थ्य, पैसे या रिश्ते के बड़े फैसलों के लिए योग्य विशेषज्ञ से बात करें। पूरा डिस्क्लेमर
आगे पढ़ें

और लेख

सभी लेख
शनि ग्रह और साढ़े साती को दिखाता हुआ चित्र
शनि गोचर 3 मिनट पढ़ें

शनि साढ़े साती 2027: क्या है, किन राशियों पर असर, और क्या नहीं करना चाहिए

साढ़े साती कोई सज़ा नहीं। शनि की मीन-मेष चाल से किन राशियों पर असर पड़ता है और क्या व्यवहारिक बातें मदद करती हैं।

3 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
मंगल ग्रह और कुंडली के घर दिखाता चित्र
कुंडली मिलान 2 मिनट पढ़ें

मंगल दोष क्या है? शादी से पहले जानने वाली साफ़ बातें

मंगल दोष हर कुंडली में एक जैसा नहीं होता। भाव, मंगल की राशि और अपवादों को समझें।

2 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
आसमान में तारों और नक्षत्र चक्र का चित्र
ज्योतिष की बुनियाद 2 मिनट पढ़ें

नक्षत्र क्या है? 27 नक्षत्र, पाद और जन्म नक्षत्र की आसान समझ

चंद्रमा की चाल से बनने वाले 27 नक्षत्रों और चार पादों को आसान भाषा में समझें।

2 मिनट पढ़ेंलेख पढ़ें
मुफ़्त और आसान

मुफ़्त कुंडली बनाएँ

जन्म तिथि, समय और शहर भरें। लग्न, राशि और नक्षत्र तुरंत देखें।

मुफ़्त कुंडली बनाएँ