· पुष्य नक्षत्र
नक्षत्र 01 · केतु

अश्विनी नक्षत्र: स्वभाव, प्यार, करियर और पाद

अश्विनी पहला नक्षत्र है और शुरुआत की ऊर्जा लेकर आता है। इन लोगों में जल्दी सीखने और मदद के लिए आगे आने की आदत होती है।

नक्षत्र

अश्विनी

मेष 0°00′ – 13°20′

स्वामी ग्रह
केतु
देवता
अश्विनी कुमार
अश्विनी नक्षत्र का चित्र

स्वभाव

फुर्तीले, सीधे और उत्सुक। शुरुआत करने में अच्छे हैं, पर लंबे समय तक एक ही लय बनाए रखना सीखना पड़ता है।

नई शुरुआत, फुर्ती और जल्दी मदद करने की आदत।

अच्छी बातें

  • तेज़ी
  • मदद करना
  • नई शुरुआत
  • साहस

ध्यान रखें

  • जल्दबाजी
  • अधूरा काम
  • बेचैनी
  • दूसरों की रफ़्तार न समझना

करियर

जहाँ जल्दी फैसला और मदद चाहिए, वहाँ अश्विनी अच्छी रहती है। मेडिकल, इमरजेंसी, ट्रैवल और नई शुरुआत वाले काम सूट करते हैं।

इमरजेंसी सेवाडॉक्टर या नर्सट्रैवलखेलनया स्टार्टअप

प्यार और रिश्ते

रिश्ते में सीधेपन और नई चीज़ों को पसंद करते हैं। साथी को समय दें और बोरियत को बातचीत से दूर करें।

सेहत

सिर, दाँत और जल्दबाज़ी से लगी चोट का ध्यान रखें। नींद और खाने का समय तय रखें।

चार पाद

नीचे इस नक्षत्र के चारों पाद, उनकी नवांश राशि और एक छोटा संकेत दिया है।

पाद अंश नवांश राशि संकेत
पहला पाद 0°20′ – 3°20′ मेष इस पाद में शुरुआत करने की ऊर्जा और सीधी बात दिखती है।
दूसरा पाद 3°20′ – 6°20′ वृषभ इस पाद में धैर्य, व्यवस्था और लंबे समय तक टिकने की आदत दिखती है।
तीसरा पाद 6°20′ – 9°20′ मिथुन इस पाद में सीखने, बातचीत और नए विचारों की उत्सुकता दिखती है।
चौथा पाद 9°20′ – 12°20′ कर्क इस पाद में भावना, देखभाल और लोगों से जुड़ने की समझ दिखती है।

परंपरा में सुझाया उपाय

केतु के लिए ‘ॐ केतु नमः’ का जाप और मंगलवार को मूँग दाल का दान परंपरा में बताया जाता है। इसे अपनी श्रद्धा और सुविधा से करें।

यह परंपरा में बताया गया उपाय है। इसे श्रद्धा और सुविधा से करें; किसी डर या दबाव से नहीं।

मेल

परंपरा में एक ही गण और अलग नाड़ी वाले नक्षत्रों का मेल सहज माना जाता है। नीचे कुछ नक्षत्र दिए हैं; पूरा मिलान दोनों कुंडलियों से देखें।

गुण मिलान टूल खोलें

आम सवाल

आम सवाल

अश्विनी नक्षत्र वालों का स्वभाव कैसा होता है?

फुर्तीले, सीधे और उत्सुक। शुरुआत करने में अच्छे हैं, पर लंबे समय तक एक ही लय बनाए रखना सीखना पड़ता है।

अश्विनी नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?

अश्विनी नक्षत्र का स्वामी ग्रह केतु है और इसके देवता अश्विनी कुमार हैं। इसका प्रतीक घोड़े का सिर है।

अपना जन्म नक्षत्र कैसे पता करें?

जन्म तिथि, सही जन्म समय और शहर से चंद्रमा की स्थिति निकालें। उसी से नक्षत्र और पाद मिलता है। हमारा नक्षत्र खोजें टूल यह काम ब्राउज़र में करता है।

क्या अश्विनी नक्षत्र के बारे में डरने की कोई बात है?

नहीं। हर नक्षत्र में अच्छी और मेहनत वाली दोनों बातें होती हैं। इसे स्वभाव समझने का संकेत मानें, किसी डर या पक्के भविष्यफल की तरह नहीं।

स्रोत और आधार:

पंचांग और ग्रहों की गणना सामान्य खगोलीय सूत्रों से होती है। ज्योतिषीय अर्थ परंपरा से हैं। बड़े फैसलों के लिए विशेषज्ञ से सलाह लें।

गणना का तरीका
मुफ़्त और आसान

अपना नक्षत्र देखें

जन्म तिथि, समय और शहर से अपना नक्षत्र, पाद और स्वामी ग्रह देखें।

अपना नक्षत्र देखें