· पुष्य नक्षत्र
नक्षत्र 15 · राहु

स्वाति नक्षत्र: स्वभाव, प्यार, करियर और पाद

स्वाति हवा का नक्षत्र है और स्वतंत्रता, लचीलेपन और अपना रास्ता चुनने की ऊर्जा देता है। इन लोगों को अपनी शर्तों पर चलना अच्छा लगता है।

नक्षत्र

स्वाति

तुला 6°40′ – 20°00′

स्वामी ग्रह
राहु
देवता
वायु
स्वाति नक्षत्र का चित्र

स्वभाव

आज़ाद, हँसमुख और समझदार। जब कोई बाँधने की कोशिश करे तो दूरी बनाना स्वाभाविक है, इसलिए साफ सीमा बताएँ।

स्वतंत्रता, हवा जैसी सोच और अपना रास्ता चुनना।

अच्छी बातें

  • स्वतंत्रता
  • लचीलापन
  • व्यापारिक समझ
  • संतुलन

ध्यान रखें

  • अस्थिरता
  • बेचैनी
  • दूरी बनाना
  • निर्णय टालना

करियर

व्यापार, बिक्री, संचार, परामर्श और तकनीक में अच्छा रहता है। अपने तरीके से काम करने की छूट मिले तो आप आगे बढ़ते हैं।

व्यापारबिक्रीसंचारपरामर्शतकनीक

प्यार और रिश्ते

रिश्ते में दोस्ती और आज़ादी चाहिए। साथी से जुड़े रहें, पर हर समय एक साथ रहना ज़रूरी नहीं।

सेहत

श्वास, नसें और त्वचा का ध्यान रखें। बाहर की हवा में टहलना और गहरी साँस का अभ्यास अच्छा रहेगा।

चार पाद

नीचे इस नक्षत्र के चारों पाद, उनकी नवांश राशि और एक छोटा संकेत दिया है।

पाद अंश नवांश राशि संकेत
पहला पाद 0°20′ – 3°20′ धनु इस पाद में शुरुआत करने की ऊर्जा और सीधी बात दिखती है।
दूसरा पाद 3°20′ – 6°20′ मकर इस पाद में धैर्य, व्यवस्था और लंबे समय तक टिकने की आदत दिखती है।
तीसरा पाद 6°20′ – 9°20′ कुंभ इस पाद में सीखने, बातचीत और नए विचारों की उत्सुकता दिखती है।
चौथा पाद 9°20′ – 12°20′ मीन इस पाद में भावना, देखभाल और लोगों से जुड़ने की समझ दिखती है।

परंपरा में सुझाया उपाय

राहु के लिए शनिवार को नारियल या काले तिल का दान परंपरा में बताया गया है।

यह परंपरा में बताया गया उपाय है। इसे श्रद्धा और सुविधा से करें; किसी डर या दबाव से नहीं।

मेल

परंपरा में एक ही गण और अलग नाड़ी वाले नक्षत्रों का मेल सहज माना जाता है। नीचे कुछ नक्षत्र दिए हैं; पूरा मिलान दोनों कुंडलियों से देखें।

गुण मिलान टूल खोलें

आम सवाल

आम सवाल

स्वाति नक्षत्र वालों का स्वभाव कैसा होता है?

आज़ाद, हँसमुख और समझदार। जब कोई बाँधने की कोशिश करे तो दूरी बनाना स्वाभाविक है, इसलिए साफ सीमा बताएँ।

स्वाति नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?

स्वाति नक्षत्र का स्वामी ग्रह राहु है और इसके देवता वायु हैं। इसका प्रतीक नया अंकुर है।

अपना जन्म नक्षत्र कैसे पता करें?

जन्म तिथि, सही जन्म समय और शहर से चंद्रमा की स्थिति निकालें। उसी से नक्षत्र और पाद मिलता है। हमारा नक्षत्र खोजें टूल यह काम ब्राउज़र में करता है।

क्या स्वाति नक्षत्र के बारे में डरने की कोई बात है?

नहीं। हर नक्षत्र में अच्छी और मेहनत वाली दोनों बातें होती हैं। इसे स्वभाव समझने का संकेत मानें, किसी डर या पक्के भविष्यफल की तरह नहीं।

स्रोत और आधार:

पंचांग और ग्रहों की गणना सामान्य खगोलीय सूत्रों से होती है। ज्योतिषीय अर्थ परंपरा से हैं। बड़े फैसलों के लिए विशेषज्ञ से सलाह लें।

गणना का तरीका
मुफ़्त और आसान

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