स्वभाव
शांत, दयालु और गहरे। कभी-कभी बात मन में रख लेते हैं; भरोसेमंद इंसान से खुलकर बात करें।
धैर्य, गहराई और शांत रहकर मुश्किल संभालना।
अच्छी बातें
- धैर्य
- दया
- स्थिरता
- गहरी समझ
ध्यान रखें
- अलगाव
- उदासी
- टालना
- अपनी ज़रूरत भूलना
करियर
शिक्षा, चिकित्सा, परामर्श, शोध और समाज सेवा में अच्छा रहता है। जहाँ लोगों को सहारा और समझ चाहिए, वहाँ आप अच्छे हैं।
प्यार और रिश्ते
शांत और भरोसेमंद प्यार चाहते हैं। साथी को अपनी भावना बताएँ; सिर्फ निभाने से रिश्ता पूरा नहीं होता।
सेहत
पैर, नींद और मन के भारीपन का ध्यान रखें। रोज़ थोड़ी धूप और टहलना अच्छा रहेगा।
चार पाद
नीचे इस नक्षत्र के चारों पाद, उनकी नवांश राशि और एक छोटा संकेत दिया है।
| पाद | अंश | नवांश राशि | संकेत |
|---|---|---|---|
| पहला पाद | 0°20′ – 3°20′ | सिंह | इस पाद में शुरुआत करने की ऊर्जा और सीधी बात दिखती है। |
| दूसरा पाद | 3°20′ – 6°20′ | कन्या | इस पाद में धैर्य, व्यवस्था और लंबे समय तक टिकने की आदत दिखती है। |
| तीसरा पाद | 6°20′ – 9°20′ | तुला | इस पाद में सीखने, बातचीत और नए विचारों की उत्सुकता दिखती है। |
| चौथा पाद | 9°20′ – 12°20′ | वृश्चिक | इस पाद में भावना, देखभाल और लोगों से जुड़ने की समझ दिखती है। |
परंपरा में सुझाया उपाय
शनि के लिए शनिवार को सरसों तेल या काला तिल दान करना परंपरा में बताया गया है।
यह परंपरा में बताया गया उपाय है। इसे श्रद्धा और सुविधा से करें; किसी डर या दबाव से नहीं।
मेल
परंपरा में एक ही गण और अलग नाड़ी वाले नक्षत्रों का मेल सहज माना जाता है। नीचे कुछ नक्षत्र दिए हैं; पूरा मिलान दोनों कुंडलियों से देखें।