· पुष्य नक्षत्र
नक्षत्र 16 · गुरु

विशाखा नक्षत्र: स्वभाव, प्यार, करियर और पाद

विशाखा मेहनत और संतुलन का नक्षत्र है। इन लोगों में एक लक्ष्य के लिए टिके रहने और शुरू में मुश्किल होने पर भी हार न मानने की ताकत होती है।

नक्षत्र

विशाखा

तुला 20°00′ – वृश्चिक 3°20′

स्वामी ग्रह
गुरु
देवता
इंद्र और अग्नि
विशाखा नक्षत्र का चित्र

स्वभाव

महत्वाकांक्षी, ईमानदार और कभी-कभी ज़िद्दी। नतीजा जल्दी चाहते हैं; इसलिए छोटे पड़ावों को भी गिनना सीखें।

मेहनत, संतुलन और एक लक्ष्य के लिए टिके रहना।

अच्छी बातें

  • मेहनत
  • लक्ष्य
  • संतुलन
  • हिम्मत

ध्यान रखें

  • जल्दबाजी
  • ईर्ष्या
  • हठ
  • दूसरों से तुलना

करियर

प्रतिस्पर्धा, बिक्री, राजनीति, खेल और प्रबंधन में अच्छा रहता है। जहाँ नतीजा मेहनत से दिखे, वहाँ ऊर्जा बनी रहती है।

बिक्रीप्रतिस्पर्धाराजनीतिखेलप्रबंधन

प्यार और रिश्ते

साथी से सम्मान और साथ चलने की इच्छा रखते हैं। अपनी महत्वाकांक्षा और रिश्ते के समय में संतुलन बनाएँ।

सेहत

सीने, साँस और तनाव का ध्यान रखें। काम के बीच छोटा ब्रेक और पर्याप्त नींद ज़रूरी है।

चार पाद

नीचे इस नक्षत्र के चारों पाद, उनकी नवांश राशि और एक छोटा संकेत दिया है।

पाद अंश नवांश राशि संकेत
पहला पाद 0°20′ – 3°20′ मेष इस पाद में शुरुआत करने की ऊर्जा और सीधी बात दिखती है।
दूसरा पाद 3°20′ – 6°20′ वृषभ इस पाद में धैर्य, व्यवस्था और लंबे समय तक टिकने की आदत दिखती है।
तीसरा पाद 6°20′ – 9°20′ मिथुन इस पाद में सीखने, बातचीत और नए विचारों की उत्सुकता दिखती है।
चौथा पाद 9°20′ – 12°20′ कर्क इस पाद में भावना, देखभाल और लोगों से जुड़ने की समझ दिखती है।

परंपरा में सुझाया उपाय

गुरु के लिए गुरुवार को हल्दी, चना या पीले कपड़े का दान परंपरा में बताया गया है।

यह परंपरा में बताया गया उपाय है। इसे श्रद्धा और सुविधा से करें; किसी डर या दबाव से नहीं।

मेल

परंपरा में एक ही गण और अलग नाड़ी वाले नक्षत्रों का मेल सहज माना जाता है। नीचे कुछ नक्षत्र दिए हैं; पूरा मिलान दोनों कुंडलियों से देखें।

गुण मिलान टूल खोलें

आम सवाल

आम सवाल

विशाखा नक्षत्र वालों का स्वभाव कैसा होता है?

महत्वाकांक्षी, ईमानदार और कभी-कभी ज़िद्दी। नतीजा जल्दी चाहते हैं; इसलिए छोटे पड़ावों को भी गिनना सीखें।

विशाखा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?

विशाखा नक्षत्र का स्वामी ग्रह गुरु है और इसके देवता इंद्र और अग्नि हैं। इसका प्रतीक विजय तोरण है।

अपना जन्म नक्षत्र कैसे पता करें?

जन्म तिथि, सही जन्म समय और शहर से चंद्रमा की स्थिति निकालें। उसी से नक्षत्र और पाद मिलता है। हमारा नक्षत्र खोजें टूल यह काम ब्राउज़र में करता है।

क्या विशाखा नक्षत्र के बारे में डरने की कोई बात है?

नहीं। हर नक्षत्र में अच्छी और मेहनत वाली दोनों बातें होती हैं। इसे स्वभाव समझने का संकेत मानें, किसी डर या पक्के भविष्यफल की तरह नहीं।

स्रोत और आधार:

पंचांग और ग्रहों की गणना सामान्य खगोलीय सूत्रों से होती है। ज्योतिषीय अर्थ परंपरा से हैं। बड़े फैसलों के लिए विशेषज्ञ से सलाह लें।

गणना का तरीका
मुफ़्त और आसान

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